नगर पालिका की कार्रवाई:राेक के बावजूद चल रहे बिल्डिंग के निर्माण को नगर पालिका ने रुकवाया, सामान जब्त

छतरपुर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

कलेक्टर बंगला के पास पंकज अग्रवाल उर्फ संटू अग्रवाल नगर पालिका छतरपुर की रोक के बावजूद व्यवसायिक काॅम्पलेक्स का निर्माण करा रहे थे। मामले की शिकायत मिलने पर नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची। नगर पालिका टीम ने मौके पर जाकर रुकवाया निर्माण कार्य, फावड़े तसले सहित उपकरण जब्त किए। साथ ही मजदूरों को हिदायत देकर निर्माण रुकवा दिया। दरअसल सीएमओ ओमपाल सिंह भदौरिया को निर्माण कराए जाने की शिकायत की गई थी। इस पर उन्होंने नगर पालिका के कर्मचारी विद्याधर पटेरिया के नेतृत्व में टीम भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया। व्यावसायिक भवन निर्माण के लिए राजस्व, नगर पालिका और नेशनल हाइवे कार्यालय विभागों से उर्मिला देवी अग्रवाल, पंकज अग्रवाल, पियूष अग्रवाल और पवन अग्रवाल द्वारा स्वीकृति ली गई। इन व्यवसायिक भवन निर्माताओं ने निर्माण के दौरान तीन में से एक भी विभाग की गाइड लाइन का पालन नहीं किया।

नगर पालिका की जांच के मुताबिक भूतल पर 448.50 वर्गमीटर, प्रथम तल पर 520.50 वर्ग मीटर, तृतीय तल पर 520.50 वर्ग मीटर पर निर्माण किया गया है। इसमें भूमि विकास अधिनियम 2012 का पालन नहीं किया गया है। इसके साथ ही भवन की ऊंचाई भूतल से 14.90 मीटर है, जबकि स्वीकृति 12 मीटर की ली गई थी। इसके अलावा भवन में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की गई है। स्वीकृत मानचित्र के अनुसार निर्माण नहीं किया गया है। जिस पर 23 दिसंबर को सीएमओ ने निर्माता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था।

लीज को लेकर भी अनियमितताएं
पुराना पन्ना नाका पर बनाए जा रहे व्यावसायिक भवन की लीज को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं की गई हैं। वर्ष 1984 में बगौता मौजा के खसरा नंबर 1688/2 में से 6844 वर्ग फीट भूमि आवासीय प्रयोजन के लिए प्रयागराज अग्रवाल को अवंटित की गई थी। इस आवासीय प्रयोजन की भूमि को वर्ष 2003 में करीब 30 लाख रुपए जमा कर व्यावसायिक प्रयोजन के लिए देने की स्वीकृति दे दी गई, लेकिन वर्ष 1984 से 2014 तक का करीब 90 लाख रुपए का भूभाटक जमा नहीं कराए बिना लीज का नवीनीकरण कर दिया गया।

इसके बाद वर्ष 2016 में लीज होल्ड बूमि को फ्री होल्ड कर दिया और केवल 13 लाख 69 हजार रुपए जमा कराए गए। इस तरह से शासन को मिलने वाले राजस्व का बड़ा घालमेल किया गया। इसकी भी जांच होना है, लेकिन प्रशासन ने इस पर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

खबरें और भी हैं...