यात्री बस में बच्चे का जन्म:परिवार के साथ घर लौट रही महिला मजदूर ने बस में दिया बच्चे को जन्म, अस्पताल में जच्चा-बच्चा स्वस्थ

छत्तरपुर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • कोरोना संक्रमण के कारण कामधंधा ठप होने पर दिल्ली से वापस गांव लौट रहा था परिवार

कोरोना संक्रमण के चलते तिहाड़ी मजदूरों का कामधंधा ठप्प होने के कारण दिल्ली से वापस लौट रहे गरीब परिवार की एक गर्भवती महिला ने यात्री बस में बच्चे को जन्म दिया। बाद में बस स्टाफ ने उसे आनन फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में भर्ती कराया, जहां जच्चा बच्चा दोनों का उपचार हुआ। अस्पताल पहुंचने के बाद जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ्य बताए जा रहे हैं। पन्ना जिले के झराटा गांव के रजक परिवार के लोग दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। लेकिन कोरोना संक्रमण बढ़ने और लॉकडाउन लगने से उन्हें कामधंधा मिलना बंद हो गया। कामधंधा न मिलने से यह गरीब परिवार शनिवार को दिल्ली से यात्री बस में सवार होकर अपने गांव के लिए चल दिया। इनमें झराटा गांव के हरिशंकर रजक, उसकी गर्भवती पत्नी ऊषा रजक, चाचा भूरा रजक, चाची मनीषा रजक, मामा भागचंद्र रजक, मामी शशि रजक एवं अन्य करीब 18 लोग बस क्रमांक यूपी 83 बीटी 5305 से वापस लौट रहे थे। रविवार सुबह करीब 6 बजे यात्री बस नौगांव से पहले देवरी बांध के पास पहुंची। इस बीच गर्भवती ऊषा के पेट में असहनीय दर्द हुआ और बस में ही डिलेवरी हो गई। उसने एक बच्चे को जन्म दिया। बस के ड्राइवर ने बस की रफ्तार बढ़ाई और सीधा नौगांव के लिए रवाना हुआ। इस बीच आरटीओ ने बस को चैकिंग करने के लिए रोका, आरटीओ बस की चैकिंग करने लगे।

जब काफी देर हो गई तो प्रसूता महिला के परिजनों ने एआरटीओ अंसारी से समस्या बताई और जल्द अस्पताल पहुंचने की बात कर बस को जाने देने के लिए कहा तो उन्‍होंने बस को छोड़ दिया। साथ ही बस को बीच में कोई न रोके, इसलिए अपना एक कर्मचारी साथ में भेजा। ड्राइवर ने तेजी से चलाते हुए बस को नौगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर खड़ा किया।

जच्चा बच्चा को अस्पताल में भर्ती किया, जहां डाॅक्टरों ने इलाज शुरू किया। इलाज के बाद दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। दो बहनों के बाद हुआ भाई: हरीशंकर रजक ने बताया कि उसके 2 बच्चियां पहले से हैं। अब लॉकडाउन में यह बच्चा भगवान ने दिया है। अस्पताल के डॉक्टरों ने 2 दिन बाद जच्चा, बच्चा को छुट्‌टी देने की बात कही है।

खबरें और भी हैं...