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जिले में 21.2% को लगा टीका:सिर्फ 2.5% को दोनों डोज, वैक्सीनेशन पूरा होने में सालभर लगेगा

छतरपुर2 महीने पहले
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छतरपुर। कार में बैठे 18 साल से अधिक आयु के व्यक्ति को वैक्सीनेशन लगाती स्वास्थ्य विभाग की टीम। - Dainik Bhaskar
छतरपुर। कार में बैठे 18 साल से अधिक आयु के व्यक्ति को वैक्सीनेशन लगाती स्वास्थ्य विभाग की टीम।
  • अब तक 2.47 लाख लोगों को वैक्सीन लगी, यह प्रदेश के औसत 25% से 3.8% कम

जिले में कोरोना वैक्सीनेशन की रफ्तार बेहद धीमी है, टीकाकरण में छतरपुर जिला मध्यप्रदेश के महानगरों के साथ ही पड़ोसी जिला सागर से भी पीछे है। जिले की कुल 11 लाख 66 हजार 201 वयस्क आबादी का टीकाकरण किया जाना है, लेकिन अब तक मात्र 21.2 फीसदी लोगों को ही टीके का पहला डोज लगाया जा सका है।

दोनों डोज अब तक मात्र 2.55 फीसदी लोगों को ही लगाए जा सके हैं। सबसे पहले 16 जनवरी को फ्रंट लाइन वर्कर का टीकाकरण शुरू किया गया था। इसमें सभी शासकीय कर्मचारी शामिल हैं, लेकिन 6 माह से अधिक गुजरने के बावजूद अब तक मात्र 68.70 फ्रंटलाइन वर्कर को ही टीकाकरण किया जा सका है। टीकाकरण के लिए सबसे बड़ा समूह युवाओं का है।

18 से 45 वर्ष के बीच आने वाले 7 लाख 21 हजार लोगों का टीकाकरण किया जाना है। युवा तेजी के साथ टीकाकरण कराने के लिए सामने आ रहे हैं। अब तक 8.49 फीसदी युवाओं को पहला डोज लग चुका है लेकिन दोनों डोज लगवाने वाले युवाओं की संख्या 1 फीसदी से भी कम मात्र 0.22 फीसदी से भी कम है।

वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने प्रोफेसरों को दिया प्रशिक्षण

जिले में अधिक वैक्सीनेशन कराने स्वास्थ्य विभाग इन दिनों युवाओं पर फोकस कर रहा है। इसी क्रम में पिछले दिनों जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मुकेश प्रजापति द्वारा स्थानीय महाराजा कॉलेज और नौगांव के पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रोफेसरों को प्रशिक्षण देते हुए मास्टर ट्रेनर बनाया गया।

अब यह प्रोफेसर कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रशिक्षण देते हुए वैक्सीनेशन के लिए प्रोत्साहित करेंगे। यह छात्र अपने परिवार और आसपास के लोगों को कोविड टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंगे।

पहले कोविड टीका लगवाओ, फिर मिलेगा राशन

जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर स्थित खौंप पंचायत के सरपंच, सचिव और राशन वितरक ने मिलकर अपने यहां नियम बनाया है कि जो हितग्राही कोविड टीकाकरण कराएगा, उसे ही राशन दिया जाएगा। इससे कई लाेगों ने वैक्सीनेशन करा लिया। कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग की टीम जब गांव के लाेगों को कोविड टीका लगाने पहुंची तो गांव के पुरुष अपना-अपना घर छोड़कर खेत सहित अपने परिचतों के यहां चले गए थे।

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