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चार लोगों की जिला अस्पताल में मौत:हालत बिगड़ने के बाद जिला अस्पताल पहुंच रहे मरीज, 30 घंटे में हो रही मौत

छतरपुरएक महीने पहले
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  • कोरोना को हराने के तीन दिन बाद अंजना का भोपाल में निधन
  • जिले में 119 निकले पॉजिटिव, 131 हुए डिस्चार्ज

जिला अस्पताल सहित भोपाल में जिले के कोरोना संक्रमितों की लगातार मौत के मामले सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के कोविड वार्डों में भर्ती होने वाले मरीज की ज्यादा हालत बिगड़ने पर पहुंच रहे हैं। इस कारण 30 घंटे के अंदर शरीर में ऑक्सीजन लेवल की कमी के चलते मौत हो रही है। जिला अस्पताल में पिछले 24 घंटे में तीन महिलाओं सहित 4 की मौत हो गई। यह सभी मरीज 30 घंटे पहले ही कोविड वार्ड में भर्ती हुए थे।

वहीं भोपाल में शहर के व्यवसाई नीरज चौरसिया की 46 वर्षीय पत्नी की कोरोना को हराने के तीन दिन बाद भोपाल में मौत हो गई। सागर लैब और एंटीजन किट रिपोर्ट में शुक्रवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के विभिन्न नगरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्र के 119 व्यक्ति कोरोना पाॅजिटिव पाए गए। जिसमें से 18 मरीजों की हालत गंभीर पाए जाने पर आइसोलेशन वार्ड में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।

वहीं जिले के विभिन्न कोविड केयर सेंटरों और जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में पिछले 10 दिनों से भर्ती 131 मरीजों को स्वस्थ होने शुक्रवार की सुबह मेडिकल टीम द्वारा डिस्चार्ज किया गया। नए पॉजिटिव कम पाए जाने और अधिक मरीज डिस्चार्ज होने से जिले में एक्टिव केस की संख्या घटकर 1002 पहुंच गई।

मरने से पहले महिला पति से बोली- अब नहीं बचूंगी
जिला अस्पताल में शुक्रवार की सुबह बकस्वाहा कस्बे की 32 वर्षीय महिला की कोविड वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला ने जिला अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में अपने पति से बोली कि मेरी हालत अधिक खराब हो रही है, अब में नहीं बचूंगी। युवक ने बताया कि उसकी 32 वर्षीय पत्नी 29 अप्रैल को पॉजिटिव पाई गई। पॉजिटिव आने के बाद वह अपने मायके शाहगढ़ के कोविड सेंटर में, सागर मेडिकल कॉलेज और इसके बाद बकस्वाहा सेंटर में भर्ती रही। गुरुवार की शाम महिला को सांस लेने में अधिक परेशानी के चलते जिला अस्पताल रैफर कर दिया गया।

संक्रमण को हराने के 3 दिन बाद मौत
शहर में पेप्टेक ग्रुप डायरेक्टर नीरज चौरसिया की 46 वर्षीय पत्नी अंजना चौरसिया 25 दिन पहले जांच के दौरान कोरोना संक्रमित पाई गई। उन्हें परिजनों ने इलाज के लिए भोपाल के बंसल अस्पताल के कोविड वार्ड में भर्ती कराया। अस्पताल चले इलाज से तीन दिन पहले वे कोरोना को मात देने में सफल हो गई। शुक्रवार की सुबह अचानक उनका स्वास्थ्य बिगड़ा और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।

वृद्ध और महिला की कोविड वार्ड में मौत
उप्र में मऊरानीपुर के 65 वर्षीय वृद्ध को सांस लेने में परेशानी के चलते गुरुवार की शाम जिला अस्पताल के सामान्य आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। इससे पहले वृद्ध की जांच रिपोर्ट आती शुक्रवार की सुबह 4 बजे शरीर में ऑक्सीजन लेवल कम होने से उसकी मौत हो गई। वहीं टीकमगढ़ जिले में आलमपुरा गांव की 50 वर्षीय महिला की हालत बिगड़ने पर गुरुवार की सुबह परिजनों ने इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया। महिला की हालत अधिक गंभीर होने से देर रात उसकी मौत हो गई।

ऑक्सीजन लेवल कम होने से व्यक्ति की मौत
बड़ामलहरा का 55 वर्षीय वृद्ध चार दिन पहले कोरोना संक्रमित पाया गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अधेड़ को बड़ामलहरा कोविड केयर सेंटर में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। बुधवार की देर रात अधेड़ की हालत बिगड़ने पर सेंटर प्रभारी ने 108 वाहन की सहायता से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। ड्यूटी डॉक्टर ने अधेड़ की हालत गंभीर देख आइसोलेशन वार्ड में मौजूद ऑक्सीजन बेड पर भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। लेकिन अधेड़ के शरीर में लगातार ऑक्सीजन लेवल कम होते रहने से देर शाम उसकी मौत हो गई।

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