छतरपुर में सड़क पर हंगामा:पुलिस ने टैक्सी पकड़ी, अस्पताल में पिता की मौत, दुखी बेटा - RTO के सामने रोते हुए गाड़ियों के सामने लेटा

छतरपुरएक महीने पहले
टैक्सी छुड़वाने के लिए दफ्तर के

छतरपुर में सिस्टम से परेशान होकर यातायात थाने के सामने एक 20 साल के युवक ने आधे घंटे तक हंगामा किया। युवक सड़क पर लेटकर गाड़ियों को रोक रहा था। मरने की धमकी दे रहा था और फिर दौड़कर यातायात थाने के भीतर जाकर आत्महत्या की कोशिश करने लगा।

युवक द्वारा किए गए इस हाईवोल्टेज ड्रामे को जब पुलिस ने समझा तो पता लगा कि युवक पिछले तीन दिनों से हो रहे घटनाक्रमों के कारण बुरी तरह व्यथित है। उसकी टैक्सी पकड़कर थाने में खड़ी कर दी गई, पिता की हार्टअटैक से मौत हो गई। बाद में पुलिसकर्मियों ने उसे ढांढस बंधाया और मदद करने का भरोसा देकर थाने से रवाना किया।

यह है मामला
भगवंतपुरा गांव का रहने वाला अनिल राजपूत टैक्सी चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। पिछले दिनों आरटीओ द्वारा चलाए गए चैकिंग अभियान के दौरान उसकी टैक्सी पकड़ ली गई थी। वह टैक्सी को छुड़वाने के लिए आरटीओ दफ्तर में साहब को खोजता रहा, लेकिन उसे कोई नहीं मिला। इसी दौरान उसके पिता की तबीयत खराब हुई, जब वह पिता को लेकर अस्पताल पहुंचा तो पता चला कि हार्ट अटैक से उसके पिता की मौत हो गई है।

पुलिसकर्मियों ने मदद करने का भरोसा देकर थाने से रवाना किया।
पुलिसकर्मियों ने मदद करने का भरोसा देकर थाने से रवाना किया।

दो दिन पहले पिता का देहांत हो गया था

दो दिन पहले पिता की मौत से दुखी अनिल एक बार फिर टैक्सी के लिए आरटीओ दफ्तर पहुंचा तो उसे आरटीओ विक्रम सिंह नहीं मिले। इसी बात से दुखी अनिल राजपूत ने अपनी मां और छोटे भाई-बहनों के साथ यातायात थाने के सामने पहुंचकर जमकर हंगामा शुरू कर दिया। उसने सड़क पर लेटकर मरने की धमकी दी, रो-रो कर अपनी पीड़ा सुनाई और कहा कि वह सिस्टम से परेशान हो चुका है। उसने सड़क से दौड़कर थाने के भीतर आत्महत्या की कोशिश की, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ा।

पिता को हार्ट अटैक आने पर अस्पताल ले गए, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
पिता को हार्ट अटैक आने पर अस्पताल ले गए, लेकिन बचाया नहीं जा सका।
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