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शुभ समाचार:70 पंचायतों का वाटर सिक्योरिटी प्लान स्वीकृत, जल्द होगा काम शुरू

छतरपुर7 दिन पहले
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  • भू-जल स्तर में स्थायी सुधार के लिए टिकाऊ जलस्रोतों की होगी स्थापना
  • सामाजिक जीवन और कृषि उत्पादों में होगी बढ़ाेत्तरी

अटल भू-जल योजना की डीपीएमयू की बैठक में 70 ग्राम पंचायतों का वाटर सिक्योरिटी प्लान अनुमोदित किया गया है। इस फैसले से ग्राम पंचायतों में भू-जल स्तर में हो रही गिरावट में सुधार करते हुए स्थायी और टिकाऊ जलस्रोतों की स्थापना के साथ किसानाें की पैदावार में भी वृद्धि हो सकेगी। इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा जमीनी रणनीति तैयार कर अमल शुरू कर दिया दिया गया है। अटल भू-जल की जिला इम्प्लीमेंटेशन यूनिट की बैठक में लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी सहित सदस्य मौजूद रहे।

वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए जमीनी रणनीति बनाएं

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले के लिए यह योजना वरदान होने के साथ-साथ अति आवश्यक है। मानव सभ्यता सामाजिक जीवन का रहन-सहन और कृषि पर आधारित फसल उत्पादन में जल की महत्वपूर्ण उपयोगिता है। इसके अभाव में सामाजिक जीवन दुर्लभ है। भारत सरकार और मध्यप्रदेश द्वारा इसे सोच विचार कर बुंदेलखंड के लिए लागू किया गया है।

कलेक्टर ने कहा कि वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए क्षेत्र के आधार पर जमीनी रणनीति तैयार करें, जिससे वर्षा जल को स्थायी रूप से सुरक्षित रखा जा सके। अटल भू-जल योजना में वर्षा के पानी को ज्यादा से ज्यादा कैसे उपयोगी बनाया जाए, उपलब्ध वर्षा के जल को किस तरीके से सुरक्षित रखा जाए, इसके बारे में चर्चा कर रणनीति बनाएं।

विशेषज्ञाें की राय से स्थल चयन पर जाेर

जहां-जहां जल संरचना के स्रोतों में सुधार हो सकता है। कलेक्टर ने बताया कि विशेषज्ञ और वैज्ञानिकों की रायशुमारी से जल संरचना स्थल का चयन किया जाएगा। जहां वर्षा का संरक्षित नहीं हो सकता है, वहां किसी भी स्थिति में और विशेषज्ञों की रायशुमारी से हटकर या अन्य अनुपयोगी स्थानों पर जल संरचना न बनाएं।

कलेक्टर ने कहा कि उपलब्ध जल को देखते हुए पानी को सीधे खेतों में ले जाने के बदले कृषकों को ड्रिप योजना का उपयोग करने के लिए जागरूक बनाए। ऐसी फसल जो क्षेत्रीय जलवायु और जो कम पानी में ली जा सकती है उसका उत्पादन करने के लिए प्रेरित करें। कृषि कार्य में कम पानी का कैसे उपयोग करते हुए फसल प्राप्त किया जा सकता है इस बारे में विचार करें।

पांच साल में पूरा हाेगा प्राेजेक्ट

नोडल अधिकारी डीपीएमयू ने बताया कि पंचायतवार प्लान काे विचार विमर्श के बाद समिति द्वारा अनुमोदित किया गया। जिसका प्रस्ताव एसपीएमयू को भोपाल को भेजा जाएगा। अटल भू-जल योजना 5 वर्षीय योजना है। यह छतरपुर, नौगांव और राजनगर ब्लॉक में क्रियान्वित की गई है।

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