आवेदन का निराकरण:कोरोना से मृतक के परिजन को मिलने वाली राशि के 10 प्रकरण अब भी लंबित

दमोहएक महीने पहले
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कोरोना से मृत हुए व्यक्ति के परिजन को 50 हजार रुपए अनुग्रह सहायता राशि शासन द्वारा दी जा रही है। जिले में अब तक 170 लोगों ने यह राशि पाने के लिए आवेदन किए हैं। इसमें से 160 आवेदन का निराकरण होने के बाद आश्रितों को राशि स्वीकृत की गई है। जबकि 10 प्रकरण अभी लंबित हैं। बता दें कि जिले में सरकारी रिकार्ड में कोरोना से 250 मौत हुईं हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी सहित आम नागरिक शामिल हैं।

जिले में कोरोना से सबसे ज्यादा क्षति शिक्षा विभाग में हुई है। उपचुनाव कार्य में संलग्न शिक्षक कोरोना से संक्रमित हुए थे और करीब 42 कर्मचारियों की मौत हुई। इनमें से 19 लोगों के परिजन को मुख्यमंत्री अनुग्रह राशि 5 लाख रुपए स्वीकृत की गई है। शेष प्रकरण में कोई न कोई कमी बताई जा रही है। या फिर अन्य योजना के तहत लाभान्वित होने पर इस योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। कोरोना योद्धा के तहत 50 लाख रुपए की राशि के लिए जिले में एक प्रकरण लंबित बताया जा रहा है। वहीं कोविड से मृत शासकीय कर्मचारियों के 25 परिजन को अनुकंपा नियुक्ति मिली है। वहीं जिले में 34 अनाथ बच्चों को 5 हजार रुपए की राशि दी जा चुकी है। इन बच्चों को हर माह 5 हजार रुपए की राशि दी जा रही है।

इन्हें नहीं मिली अनुकंपा नियुक्ति
हिंडोरिया में पदस्थ रहे सहायक शिक्षक सीताराम ठाकुर की कोराेना से मौत हुई है। बांदकपुर निवासी स्वर्गीय शिक्षक के बेटे विजय ठाकुर ने बताया कि उनके पिता निर्वाचन कार्य के दौरान संक्रमित हुए थे और उनकी मौत हो गई थी। लेकिन मुझे अभी तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है। क्योंकि विज्ञान विषय से हायर सेकंडरी नहीं है जो अनुकंपा नियुक्ति हुईं हैं उसमें विज्ञान विषय को लिया गया है। इसी प्रकार पथरिया ब्लाॅक के क्रिंदव निवासी देवकी लोधी ने बताया कि उनके पति राघवेंद्र सिंह शिक्षक थे और कोरोना से संक्रमित होने से मौत हो गई थी। लेकिन अभी तक अनुकंपा नियुक्ति नहीं मिली है। दोबारा दस्तावेज मांगे गए हैं। अन्य प्रकरण में शिक्षा विभाग से दोबारा दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इसके अलावा सीटी स्केन की रिपोर्ट भी मान्य नहीं की जा रही है।

ये होंगे राशि प्राप्त करने के हकदार
कोरोना से मृत होने वाले व्यक्ति की पत्नी, पति को पात्रता होगी। यदि पति-पत्नी नहीं हैं तो अविवाहित संतान को भी पात्रता रहेगी। यदि संतान नहीं हैं ताे मृतक के माता-पिता को राशि दी जाएगी।

इन्हें नहीं मिलेगी राशि
शासन द्वारा दी जाने वाली 50 हजार रुपए की सहायता राशि के लिए बिंदु निर्धारित किए हैं। इसमें कोरोना काल में आत्महत्या, हत्या, सड़क दुर्घटना को कोविड से मौत नहीं माना जाएगा। चाहे व्यक्ति उस समय कोविड से संक्रमित ही क्याें न हो। ऐसे व्यक्तियों व शासकीय कर्मियों के वारिसों को सरकारी योजना के तहत अनुकंपा नियुक्ति दी हो। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज के तहत लागू बीमा योजना के तहत शामिल शासकीय कर्मी इसके लिए पात्र नहीं होंगे।

सीटी स्कैन रिपोर्ट मान्य की जाए : शासकीय अध्यापक संघ के प्रदेश संयोजक आरिफ अंजुम ने बताया कि कोरोना से मृत शिक्षकों के परिजन से दोबारा दस्तावेज शिक्षा विभाग में जमा करवाए जा रहे हैं। जिससे परेशानी हो रही है। साथ ही सीटी स्केन रिपोर्ट को भी मान्य नहीं किया जा रहा है। सीटी स्केन रिपोर्ट मान्य की जाए। निर्वाचन की अनुग्रह राशि शीघ्र दी जाए। साथ ही कला संकाय, विज्ञान विषयों को भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्रता दी जाए।
प्रकरण जांच कराकर स्वीकृत किए जा रहे : एसडीएम अविनाश रावत ने बताया कि शासन से मिलने वाली 50 हजार रुपए की राशि के लिए 170 प्रकरण आए हैं जिसमें 160 प्रकरण स्वीकृत हो चुके हैं राशि दी गई है, 10 प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जो भी प्रकरण आ रहे हैं जांच कराकर स्वीकृत किए जा रहे हैं।

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