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समस्या:हार्ट के मरीज की नसों में 90 प्रतिशत ब्लाॅकेज, नहीं मिल पा रहा आयुष्मान योजना का लाभ

दमोहएक वर्ष पहले
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  • 2011 की सर्वे सूची में नहीं मरीज का नाम, सीएम हेल्प लाइन से लेकर कलेक्टर तक शिकायत
  • बेटा बोला- परिवार की माली हालत ठीक नहीं, इलाज नहीं करवा पा रहे

तेंदूखेड़ा ब्लाॅक के ग्राम हर्रई निवासी एक हार्ट के मरीज की दो नसों में 90 प्रतिशत ब्लाॅकेज मिलने के बाद भी उसका ऑपरेशन नहीं हो पा रहा है। उसके इलाज के लिए 2 लाख 70 हजार रुपए की जरुरत है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका आयुष्मान योजना का कार्ड नहीं बन पा रहा है। पिछले तीन दिन से मरीज का बेटा कलेक्टोरेट, जिला अस्पताल और सीएमएचओ कार्यालय के चक्कर लगा रहा है, यहां तक कि सीएम हेल्प लाइन तक पर शिकायत दर्ज करा दी है, मगर मदद के लिए अब तक कोई सामने नहीं आया है।

दरअसल हर्रई निवासी परषोत्तम यादव को 10 अक्टूबर को अटैक आया था, इलाज के लिए जबलपुर लेकर गए तो वहां पर उनकी दो नसों में 90 प्रतिशत ब्लाॅकेज बता दिया। ऑपरेशन के लिए 2 लाख 70 हजार रुपए की राशि की डिमांड की गई है।

जबलपुर के नेशनल अस्पताल से एस्टीमेट भी दे दिया गया है, लेकिन परिवार के सदस्यों के पास इतनी राशि नहीं है कि वे ऑपरेशन करा सकें। जिस पर परिवार के लोगों ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड बनवाकर इलाज कराने का निर्णय लिया, लेकिन जब परिवार के सदस्य जिला अस्पताल में कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे तो उन्होंने जांच के बाद कार्ड बनाने से इंकार कर दिया। मरीज के बेटे प्रताप यादव ने बताया कि आयुष्मान केंद्रों में कार्ड बनाने से इंकार किया जा रहा है।

उनका कहना है कि मरीज का नाम 2011 की जनगणना सूची में नहीं जुड़ा है, इसलिए कार्ड नहीं बन सकता है। सर्वे सूची में पिता जी का नाम नहीं जुड़ा है। नाम क्यों नहीं जुड़ा है, इसकी जानकारी भी नहीं मिल रही है और इसमें पिता की कोई गलती भी नहीं है। उसने बताया कि परिवार की माली हालात खराब है। ऐसे में इलाज नहीं कराया जा सकता है।

प्रताप ने कलेक्टर को आवेदन देकर नाम जुड़वाने की गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उसने सीएम हेल्प लाइन पर भी शिकायत की है, मगर इसके बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जबकि मरीज की हालात बिगड़ती जा रही है। प्रताप ने शिकायत के साथ नेशनल अस्पताल का एस्टीमेट और समग्र आईडी सहित पूरे दस्तावेज प्रशासन को सौंपे हैं।

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