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भाई ने उजाड़ा था बहन का सुहाग:नशे में बहन को परेशान करता था जीजा, सीआरपीएफ जवान ने 2 दोस्तों के साथ की थी हत्या, तीन गिरफ्तार

दमोह10 दिन पहले
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  • हटा-जमुनिया रोड पर मिले शव मामले में खुलासा

हटा के जमुनिया रोड पर खजुरिया नाला की पुलिया के पास एक सप्ताह पहले पत्थर से कुचलकर की गई हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। मामले में हैरानी की बात यह है कि एक भाई ने अपनी ही बहन का सुहाग उजाड़ दिया। रंजिशन सीआरपीएफ की ग्वालियर यूनिट में पदस्थ कांस्टेबल ने दोस्त और कार चालक की मदद से जीजा की हत्या कर दी। आरोपी ने जीजा की हत्या करने का कारण मृतक द्वारा बहन को बार-बार परेशान करना बताया है। पुलिस ने आरोपी आरक्षक, दोस्त और कार चालक को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

बुधवार को एसपी डीआर तेनीवार ने बताया कि 15 जुलाई को हटा थाना क्षेत्र को खजुरिया नाला की पुलिया के पास पप्पू यादव के खेत में लुहारी निवासी पंचम पिता दुर्जुन अहिरवार 45 की हत्या कर दी गई थी। घटनास्थल पर मृतक की सिर पर पत्थर पटककर हत्या करना पाया गया था। लेकिन जब सायबर सेल की मदद से पड़ताल की गई तो पता चला कि पंचम अहिरवार के मोबाइल पर किसी अज्ञात ठेकेदार का फोन आया था और उसने मिलने के लिए बुलाया था।

इस आधार पर नंबर की पड़ताल की गई। इसकी लिंक मृतक पंचम अहिरवार के साले सीआरपीएफ के जवान भरत अहिरवार से जुड़ गई। भरत ने दमोह-सागर नाका निवासी दोस्त नरेंद्र अहिरवार से पंचम को ठेकेदार बनकर फोन लगवाया था। जब पुलिस भरत तक पहुंची तो पूछताछ में आरोपी ने दोस्त नरेंद्र अहिरवार के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने वारदात में उपयोग की गई कार, पत्थर, हथोड़ा, आरोपियों के खून से सने कपड़े जब्त किए हैं।

बहन को नहीं पता था भाई ऐसी वारदात करेगा
एसपी ने आरोपी से जीजा हत्या करने का कारण पूछा तो उसने बताया कि जीजा बार-बार बहन लक्ष्मी को परेशान करता था। 12 से 15 साल हो गए थे। लेकिन कोई सुधार नहीं हो रहा था। जबकि उसने धारा 155 धारा के तहत मामला दर्ज कराया। डायल-100 को बार-बार बुलाया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में उसने स्वयं जीजा पंचम अहिरवार को सबक सिखाने का निर्णय लिया। एसपी ने बताया कि मृतक की पत्नी लक्ष्मी को इस बात का पता नहीं था कि भाई भरत इस तरह आत्मघाती कदम उठाने वाला है।

भरत अहिरवार पथरिया के क्रिन्दाहो गांव का रहने वाला है। उसकी बहन लक्ष्मी की शादी हटा के लुहारी निवासी मृतक पंचम अहिरवार से हुई थी। लक्ष्मी बार-बार भरत से जीजा पंचम द्वारा परेशान करने की शिकायत कर रही थी। जिससे परेशान होकर भरत ने यह साजिश रची। भरत ने गांव के शिक्षक से एक शादी में जाने के लिए कार किराए पर दिलाने की बात कही। शिक्षक ने पथरिया के लखरौनी में एमपी 15 बीए 1964 नंबर की कार भरत को 25 सौ रुपए में किराए पर उपलब्ध कराई।

चालक संदीप पाल के साथ भरत कार लेकर दमोह शहर में सागर नाका निवासी दोस्त नरेंद्र अहिरवार के पास पहुंचा और पथरिया रेलवे फाटक के पास नरेंद्र को कार में बैठाकर तीनों लुहारी से 100 मीटर पहले एक गांव पहुंचे। पुलिस के मुताबिक दोस्त नरेंद्र ने पंचम अहिरवार को मोबाइल पर ठेकेदार बनकर बात की और जब पंचम आ गया तो उसे साइड दिखाने की बात कहकर कार में बैठाया, कुछ दूरी तक कार चली, इस बीच कार की पीछे वाली सीट में हथौड़ा लेकर छिपे भरत ने जीजा पंचम पर जोरदार तरीके से दो प्रहार कर दिए और मृतक के बाजू में बैठे नरेंद्र ने तौलिया से पंचम का गला दबा दिया।

जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने चालक पर दबाव बनाया और कार आगे लेकर गए। उन्होंने हारट नदी के पास मृतक का मोबाइल फेंका। बाद में आरोपी शव लेकर जमुनिया रोड पर खजुरिया नाला की पुलिया के पास पहुंचा और वहां पर अंधेरे में पंचम का शव जमीन पर पटककर पत्थर से मुंह कुचल दिया। ताकि किसी को इसकी पहचान न हो सके।

चालक ने वारदात छिपाई, इसलिए पुलिस ने उसे भी बनाया हत्याकांड में सहआरोपी
पुलिस के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद चालक को कार का किराया 2500 रुपए मिल गया था। किराया लेने के बाद संदीप पाल घर गया और किसी को वारदात के बारे में जानकारी नहीं दी। चालक ने आरोपियों के साथ मिलकर साक्ष्य छिपाए, मृतक के दस्तावेज शव से 100 मीटर की दूरी पर फेंके, इसके अलावा खून से सने कपड़े और वारदात को अंजाम देने वाले हथियार भी छिपाने में सहयोग किया। इस मामले में उसकी गंभीर लापरवाही सामने आई। जिस पर पुलिस ने उसे भी सहआरोपी बनाया है। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार करके बुधवार को जेल भेज दिया।

नगर में चर्चा, पुलिस ने आरोपी पहले पकड़े फिर इनाम घोषित किया
हटा में चर्चा है कि पुलिस ने आरोपियों को वारदात के एक दो दिन के अंदर ही पकड़ लिया था। इस बीच पूछताछ की गई और साक्ष्य जुटाए गए। मंगलवार को इस मामले में एसपी डीआर तेनीवार ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया और बुधवार को पूरी वारदात का खुलासा कर दिया। एसपी ने 10 हजार रुपए की राशि मामले में अच्छा काम करने वाले पुलिस को स्टाफ को देने की बात कही है।

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