छुट्‌टी नहीं मिलने पर जान दी:दमोह कॉलेज में ही फंदे पर झूल गया बाबू, सुसाइड नोट में कहा- दफ्तर के ही दो लोगों से तंग आ गया था

दमोह17 दिन पहले
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कॉलेज परिसर में हंगामा करते मृतक के परिजन। - Dainik Bhaskar
कॉलेज परिसर में हंगामा करते मृतक के परिजन।

दमोह में छुट्‌टी के दिन भी काम पर बुलाने पर पीजी कॉलेज के बाबू ने लाइब्रेरी कक्ष में ही फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में मृतक ने दफ्तर के ही दो लोगों पर परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं परिजन भी हत्या का आरोप लगा रहे हैं।

स्थानीय सरकारी पीजी कॉलेज के बाबू चतुर सिंह उईके का शव बुधवार रात कॉलेज की लाइब्रेरी कक्ष में फंदे पर लटका मिला था। इस मामले में परिजन हत्या का आरोप लगा रहे हैं और इसी मामले में विरोध जताते हुए गुरुवार दोपहर परिजन व समाज के अन्य लोग कॉलेज परिसर में पहुंचकर धरने पर बैठ गए। 2 घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने परिजनों को 4 दिन में उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इस पर परिजन बोले कि अगर 4 दिन में सही जांच नहीं होता है, तो वह कॉलेज परिसर में फिर से हंगामा करेंगे।

परिजन कॉलेज प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है। इस दौरान कॉलेज के प्रशासनिक अधिकारी प्रोफेसर एसके बिदोलिया भी परिजनों से बात करने पहुंचे और उन्होंने मृतक के मामले में पुलिस की जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया। परिजनों की मांग है कि इस मामले की उचित जांच की जाए और 50 लाख रुपए का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।

मृतक की पत्नी लक्ष्मी उईके।
मृतक की पत्नी लक्ष्मी उईके।

मृतक की पत्नी बोली- छुट्‌टी के दिन भी काम पर बुलाया

मृतक की पत्नी लक्ष्मी उईके का कहना है कि अवकाश होने के बाद भी उनके पति को कॉलेज काम के लिए बुलाया गया था। बुधवार को मोबाइल नेटवर्क बंद होने के कारण दिन भर उनकी पति से बात नहीं हुई। रात में उन्हें सूचना दी गई कि उनके पति कॉलेज के कक्ष में फंदे पर लटके मिले हैं। उनके पहुंचने के पहले ही पुलिस ने शव को उतार लिया था।

एक सुसाइड नोट की भी जानकारी मिली है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। पत्नी का कहना है कि उनके पति को परेशान किया जा रहा था। उन्हें नहीं लगता कि उनके पति ने आत्महत्या की है, क्योंकि उनका घर में कोई तनाव वगैरह नहीं था। उन्हें संदेह है कि उनके पति की हत्या की गई है, इसलिए वह चाहते हैं कि मामले की जांच की जाए। परिवार के लोग फिलहाल कॉलेज के गेट पर धरना देकर बैठे हुए हैं और पुलिस उन्हें मनाने का प्रयास कर रही है।

परिजनों द्वारा दिए गए ज्ञापन में पुलिस ने इन 2 लोगों के नाम लिखे जो सुसाइड नोट में लिखे थे।
परिजनों द्वारा दिए गए ज्ञापन में पुलिस ने इन 2 लोगों के नाम लिखे जो सुसाइड नोट में लिखे थे।

एक सुसाइड नोट भी मिलने की खबर

लिपिक की मौत के बाद जब पुलिस ने उसका शव फंदे से निकाला और उसके कपड़ों की तलाशी ली तो उसमें 3 पन्ने का एक नोट मिला है, जिसमें से एक पन्ने में हाथ से कॉलेज के किसी कर्मचारी जीपी अहिरवाल और रमेश अहिरवाल का नाम लिखा हुआ है। नोट में इन दोनों के द्वारा उसे परेशान करने की बात लिखी है। पुलिस ने वह दस्तावेज जब्त कर लिए हैं और उसकी जांच भी की जा रही है।

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