पुलिस ने सूदखोरों के खिलाफ की कार्रवाई:कर्ज चुकाने के बाद भी मांग रहे थे राशि, जिले में 2 सूदखोरों पर एफआईआर दर्ज

दमोह16 दिन पहले
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जिले में दो सूदखोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह दोनों बिना लाइसेंस के ब्याज पर रुपए देने का कारोबार कर रहे थे। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली और हटा पुलिस ने एक-एक सूदखोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हटा पुलिस ने रमेश अहिरवार नामक शिक्षक की शिकायत पर धनीराम के खिलाफ कार्रवाई की है।

शिक्षक ने सूदखोर से एक लाख रुपए से ज्यादा की राशि उधार ली थी। बदले में खाली चैक हस्ताक्षर करके दिया था। ब्याज की राशि हर महीने शिक्षक सूदखोर को दे रहा था। बाद में मूल राशि भी चुका दी, लेकिन इसके बाद भी सूदखाेर ने चैक बैंक में लगा दिया। जिस पर शिक्षक ने मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने सूदखोर पर मामला दर्ज कर लिया। इसी तरह कोतवाली में भी एक मामला सामने आया। यहां पर हरगोविंद नामक व्यक्ति ने दीपू उर्फ पप्पू नामक युवक से रुपए उधार लिए थे।

हरगोविंद ने राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बाद भी दीपू उर्फ पप्पू बार-बार धमकी देकर ब्याज की राशि मांग रहे थे। धमकी से परेशान होकर हरगोविंद ने कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। इस तरह जिले में सूदखोरों के खिलाफ चल रहे अभियान में अब तक 2 प्रकरण दर्ज हुए हैं। पुलिस ने सूदखोरों की लिस्ट बनाई थी और कार्रवाई के लिए अवैध कमाई से अर्जित संपत्तियों की जानकारी जुटाई जा रही है। यहां पर पीड़ित व्यक्ति सूदखोरों के खिलाफ जानकारी दे सकते हैं। उनकी जानकारी गुप्त रखी जाएगी। कोतवाली टीआई सत्येंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि सूदखोरी मामले में आरोपी के खिलाफ मप्र ऋणियों का संरक्षण अधिनियम व धारा 506 के तहत केस दर्ज हुआ है।

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