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हाईस्कूल का रिजल्ट घोषित:10वीं में हर साल 30% छात्र हो जाते थे फेल, इस साल बिना परीक्षा 100% पास

दमोह17 दिन पहले
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  • जो छात्र परिणाम से असंतुष्ट हैं, उनके लिए परीक्षा देने का विकल्प खुला

बुधवार की शाम एमपी बार्ड हाईस्कूल का परिणाम घोषित किया गया। अभी तक कक्षा दसवीं का परिणाम अधिकतम 77.52 पर पहुंचा है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि इस बार बिना परीक्षा दिए ही 100 प्रतिशत परिणाम रहा। जबकि पिछले पांच साल के परिणाम पर गौर करें तो हर साल 30 फीसदी बच्चे फेल हो जाते थे या फिर सप्लीमेंट्री आती थी, लेकिन इस बार न तो कोई छात्र फेल हुआ है और न ही सप्लीमेंट्री आई है।

इस बार जिले में कक्षा दसवीं में 19 हजार 575 परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए आवेदन किया था। कोरोना की वजह से इस बार दसवीं एवं बारहवीं की परीक्षाएं आयोजित नहीं कराई गईं। छात्रों को छह माही एवं तिमाही परीक्षा में अंकों के आधार पर उत्तीर्ण किया गया है। इस बार किसी भी छात्र को सप्लीमेंट्री भी नहीं आई है। इधर प्राइवेट परीक्षा देने वाले छात्र-छात्राओं को महज 33 प्रतिशत अंक देकर पास किया गया है। उन्हें इतने अंकों से ही संतुष्ट होना पड़ेगा।

हालांकि बोर्ड ने नई प्रणाली के रिजल्ट से असंतुष्ट छात्रों को परीक्षा का विकल्प भी दिया है। जिसकी विशेष परीक्षा 1 से 25 सितंबर के बीच होगी। इसके बाद इसमें प्राप्त अंकों के अनुसार उनकी मार्कशीट जारी की जाएगी। यानी जो बच्चा परीक्षा देकर पास होना चाहता है, उसका ऑप्शन भी दिया गया है। लेकिन परीक्षा में जो भी अंक मिलेंगे, वहीं फाइनल अंक माने जाएंगे। यदि कोई छात्र परीक्षा देने के बाद फेल होगा तो उसे फिर फेल ही माना जाएगा। उसे फिर आंतरिक मूल्यांकन का लाभ नहीं मिलेगा।

इन छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन, 99% अंक मिले
शहर के उत्कृष्ट विद्यालय का रिजल्ट हर साल टॉप में रहता है। करीब 10 साल से इस स्कूल के बच्चे प्रदेश की मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज कराते आए हैं। इस बार भी बिना परीक्षा दिए यहां के बच्चों का रिजल्ट शत प्रतिशत रहा। इस स्कूल से प्रियंका चौबे को 99 प्रतिशत, प्रशांत पटेल को 98 प्रतिशत, आयुषी जैन को 97 प्रतिशत एवं रूचि गर्ग को 95 प्रतिशत अंक मिलेग। छाा प्रियंका चौबे ने बताया कि मैं अपने रिजल्ट से संतुष्ट हूं।

मुझे इतने ही अंक मिलने की उम्मीद थी। इसी तरह प्रशांत पटेल ने बताया कि छमाही एवं तिमाही परीक्षा के आधार पर मुझे इतने ही अंक मिलने की उम्मीद थी। प्राचार्य केके पांडेय ने बताया कि उनके स्कूल से सभी बच्चे प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए हैं। जिनमें ज्यादातर बच्चों के अंक 90 फीसदी से अधिक हैं।

पिछले साल 71% रिजल्ट, पहली बार 100%
बीते साल दमोह जिले का कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 70.93 प्रतिशत था। परीक्षा में 30 प्रतिशत बच्चों को सप्लीमेंट्री एवं शेष बच्चे फेल हो गए थे। जबकि इस बार पहली बार हो रहा है कि जिले का परिणाम 100 प्रतिशत आया है। इसके पहले वर्ष 2019 में दमोह का परीक्षा परिणाम 70.34 प्रतिशत, 2018 में 77.52 प्रतिशत एवं 2017 में 67.9 प्रतिशत था।
आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर दिए अंक
इस बार 100 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं। रेगुलर छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंक दिए गए हैं, जबकि प्राइवेट छात्रों को 33 प्रतिशत अंक देकर पास किया गया है। जो छात्र परिणाम से असंतुष्ट हैं उनके लिए परीक्षा देने का विकल्प खुला है। -एचएन नेमा, डीईओ

मॉडल स्कूल के बच्चों ने बाजी मारी
तेंदूखेड़ा | बुधवार को हाईस्कूल का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें नगर के मॉडल स्कूल के बच्चों ने एक बार फिर अपना दबदबा कायम रखते हुए कुल 96 छात्रों में 93 ने प्रथम श्रेणी में अपना स्थान बनाया। केवल 3 छात्र ही द्वितीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। कोरोना काल के चलते माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा हाई स्कूल परीक्षा निरस्त की थी, जिसके कारण बच्चों के रिवीजन टेस्ट, अर्द्ध वार्षिक परीक्षा एवं प्री बोर्ड के अंकों के आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया गया। स्कूल के छात्रों में भूमि जैन 94 प्रतिशत प्रथम, सिद्धांत विल्थरे 93 प्रतिशत द्वितीय एवं अनुराधा जैन ने 92 प्रतिशत अंक हासिल कर तृतीय स्थान हासिल किया। प्रभारी प्राचार्य केएल चौकसे ने इसके लिए डीईओ एचएन नेमा, शिक्षक स्वदेश नेमा, अजय जैन एवं कार्यरत अतिथि शिक्षकों को श्रेय दिया है।

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