एनजीटी के नियमों की अनदेखी:सीमेंट फैक्ट्री में उपयोग होने वाली फ्लाई ऐश खुले में लाने से उड़ रही धूल, लोग हो रहे परेशान

दमोहएक महीने पहले
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फ्लाई ऐश से भरी ट्राली। जो सीमेंट फैक्ट्री के अंदर जा रही है। - Dainik Bhaskar
फ्लाई ऐश से भरी ट्राली। जो सीमेंट फैक्ट्री के अंदर जा रही है।

शहर से सटे इमलाई सीमेंट प्लांट में फ्लाई ऐश (कोयला की राख) के परिवहन और रखने में लापरवाही बरती जा रही है। यहां पर खुले डिब्बों में फ्लाई ऐश लाई जाती है और उसे फैक्ट्री के रैक प्वाइंट पर खाली कराया जाता है। यहां से खुली ट्राॅलियों के जरिए फैक्ट्री के अंदर फ्लाई ऐश पहुंचाई जा रही है। पिछले दो दिन से धूल उड़ने और वायु प्रदूषण होने से आसपास के लोग परेशान हैं।

मंगलवार को 35 से ज्यादा लोग कलेक्टर के पास पहुंचे और उन्हें अपनी समस्या बताने का प्रयास किया, लेकिन जब कलेक्टर समस्या सुनने नीचे नहीं आए तो रहवासियों ने नारेबाजी कर दी। रहवासियों का आरोप है कि सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन मनमानी कर रही है, फ्लाई ऐश परिवहन करने का एनजीटी ने नियम बनाया है, जिसका पालन यहां पर नहीं हो रहा है। खुले में ले जाने से फ्लाई ऐश उड़ रही है, इससे वायु की गुणवत्ता खराब हो रही है। विरोध करने पर प्रबंधन के अधिकारी कलेक्टर से अनुमति होने की बात कह रहे हैं। मंगलवार को भी रहवासियों ने नारेबाजी करते हुए कलेक्टर से अनुमति को लेकर सवाल जवाब किए। कलेक्टर को ज्ञापन लेने के लिए नीचे आने को कहा, लेकिन कलेक्टर उनके पास तक नहीं पहुंच पाए। दरअसल शहर से सटे प्लांट के आसपास के रहवासी धूल से परेशान हो गए हैं। हवा चलने पर फ्लाई ऐश उड़कर घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाती है। यहां पर लोगों का घरों के बाहर बैठना, व्यापार करना और सड़कों पर चलना-फिरना तक मुश्किल हो गया है।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले सिवनी के पास झाबुआ पावर प्लांट धंसौर से मालगाड़ी के 58 बक्सों में ओपन फ्लाई ऐश भरकर आई है। यह बात रेलवे के अधिकारियों ने स्वयं स्वीकार की है। इसे सीमेंट फैक्ट्री के यार्ड और यार्ड के आसपास खाली कराया। जहां पर अभी भी ऐश पड़ी हुई है। जिसे मजदूरों के माध्यम से ट्रालियों में भरवाकर प्लांट के अंदर ले जाया जा रहा है। मंगलवार को बड़े स्तर पर यार्ड के आसपास पड़ी फ्लाई ऐश भरवाकर प्लांट में परिवहन करके ले जाई गई।

इमलाई सीमेंट फैक्ट्री के रैक प्वाइंट पर फ्लाई ऐश खाली करके लौटी मालगाड़ी

58 बक्सों में आई थी ऐश
दमोह स्टेशन प्रबंधक जेएस मीणा का कहना है कि सोमवार को 58 बक्सा ओपन फ्लाई ऐश आई थी। जिसे रैक पॉइंट पर खाली कराया है।

इसलिए हानिकारक है फ्लाई ऐश
दरअसल फ्लाई ऐश की बढ़ती मात्रा भूमि उपयोग, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय खतरे के रूप में सामने आ रही है। कई हेक्टेयर भूमि फ्लाई ऐश के निस्तारण में बर्बाद हो चुकी है। इन डंपिंग साइट पर पानी का नियमित छिड़काव जहां इसे हवा में फैलने से रोकने जरूरी है। वहीं दूसरी ओर इस पानी को भूगर्भ जल में जाने से रोकना भी बढ़ी चुनौती है। क्योंकि फ्लाई ऐश में मौजूद घटक पानी को विषैला बना देते हैं।

आसपास के लोगों के बीमार होने की संभावना
स्थानीय निवासी आशीष जैन ने बताया कि सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा खुले रैक में फ्लाई ऐश बुलाई जा रही है और उसे खाली कराया जा रहा है। इसकी वजह से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है और आसपास के लोगों के बीमार होने की संभावना बढ़ गई है। हेमंत और प्रजु यशोधरन ने बताया कि फ्लाई ऐश का खुले में परिवहन पर रोक लगी है। इसके संपर्क में आने से श्वांस संबंधी गंभीर बीमारियों हो सकती है, शासन ने इसकी गाइड लाइन पहले से तय कर रखी है, लेकिन इसके बाद भी खुले में फ्लाई ऐश परिवहन करना कानून का उल्लंघन है। मगर यहां पर रेलवे से लेकर सीमेंट फैक्ट्री प्रबंधन तक लापरवाही बरत रहा है। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसका समाधान नहीं हुआ तो सभी रहवासी और व्यापारी आंदोलन करेंगे।

मैंने कोई अनुमति नहीं दी
मैंने कोई अनुमति नहीं दी है। यदि गलत तरीके से फ्लाई ऐश का परिवहन किया जा रहा है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी।
-एस कृष्ण चैतन्य, कलेक्टर

मौके पर जांच करूंगा
इस तरह से फ्लाई ऐश का परिवहन करना गलत है। मुझे अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि शिकायत मिलेगी तो मौके पर जाकर जांच करुंगा।
-आदेश श्रीवास्तव, अधिकारी, मप्र पॉल्यूशन बोर्ड सागर

नियमों का पालन कर रहे
फ्लाई ऐश खुले में नहीं लाया जाता है। हो सकता हो, रास्ते में कवर्ड हट गया हो। हमारे यहां पर एनजीटी के सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।
- दीपक ठाकुर, एडमिन एचआर नरसिंहगढ़ सीमेंट फैक्ट्री

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