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युवक ने की खुदकुशी:फांसी के फंदे से जान बची तो ट्राॅले के नीचे आकर युवक ने दे दी जान

दमोह19 दिन पहले
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  • अस्पताल में कराया था भर्ती, यहां भागकर जबेरा बस स्टैंड पर दे दी जान

थाना क्षेत्र के युवक ने ट्राॅला के पहियाें के नीचे आकर जान दे दी। इसके पहले युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। लेकिन वह बच गया और उसे इलाज के लिए जबेरा अस्पताल लाया गया। जबेरा अस्पताल से युवक ने भागकर चलते ट्राॅला के पहियों के नीचे आकर आत्महत्या कर ली। जबकि पुलिस इसे एक्सीडेंट मान रही है। हालांकि आत्महत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार बीड़ी कॉलोनी तेजगढ़ निवासी घनश्याम पिता बख्तू रैकवार 25 ने सुबह बिजोरा में एक खेत में लगे पेड़ से लटककर जान देने की कोशिश की। लेकिन फंदा टूटने से उसकी जान बच गई और उसे लोगों की मदद से पुलिस को सूचना देकर 108 एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल से पानी पीने के बहाने युवक बाहर आ गया और जबलपुर की ओर से आ रहे ट्राॅला नंबर पीबी 03 एजे 3356 के पिछले पहियों के नीचे आ गया । पेट के ऊपर से पहिया निकलने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। ट्राॅला सेना की तोप लेकर जबलपुर से दमोह की ओर जा रहा था।

वहीं मौके पर खड़े लोगों का कहना है कि युवक ने जानबूझकर अपनी जान दी है। जबकि पुलिस इसे एक्सीडेंट मान रही है। ट्राॅला को जब्त कर लिया गया है। फिलहाल आत्महत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

जबेरा थाना प्रभारी इंदिरा ठाकुर का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह एक्सीडेंट का मामला है। मृतक के परिवार के लोगों से जानकारी लेने पर आगे कुछ कहा जा सकेगा। जैसा सुनने में आया था कि तेजगढ़ थाने में इसके खिलाफ कोई रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जिसकी जानकारी लेने पर ऐसी कोई जानकारी वहां से प्राप्त नहीं हुई है। विवेचना जारी है।

पानी पीने के बहाने अस्पताल से बाहर आने पर सवाल
अस्पताल से बाहर आकर पीड़ित युवक द्वारा जान गंवाने पर लोगाें के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर जब युवक को फांसी से बचाकर अस्पताल लाया गया था तो वह अस्पताल से कैसे भागा और पानी पीने का बहाना बनाकर आया तो क्या अस्पताल में मरीजों के पानी की व्यवस्था नहीं है।

जबकि आत्महत्या करने की कोशिश के मामले में पीड़ित को पुलिस की निगरानी में होना था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा भी देखरेख की जानी थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो शायद उसकी जान बच जाती।

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