अधिवक्ता संघ की मांग पर जिला न्यायाधीश के निर्देश:मुंशी बिना वकील के पेश नहीं कर सकेंगे समरी केस

दमोहएक महीने पहले
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जिला अधिवक्ता संघ दमोह की कार्यकारिणी की बैठक हुई। जिसमें इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि पुलिस थानों से पेश होने वाली समरी ट्रायल मामलों को बिना अधिवक्ता एवं बिना वकालतनामा के निराकृत कराया जा रहा है। जिससे पक्षकारों को काफी असुविधा हो रही है।

अधिवक्ता संघ ने कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास करके एक ज्ञापन के माध्यम से जिला न्यायाधीश रेणुका कंचन को इन समस्या से अवगत कराया, जिस पर न्यायाधीश ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं अन्य न्यायाधीशों को निर्देश जारी किए। संघ के अध्यक्ष सुरेश मेहता, उपाध्यक्ष मुकेश पांडेय ने बताया कि लंबे समय से देखने में आ रहा है कि पुलिस अपने स्तर से प्रकरण तैयार कर पक्षकारों को बिना सही जानकारी दिए न्यायालय में चालान पेश कर रही है, जिससे कि पक्षकारों को उचित विधिक सलाह नहीं मिल पा रही है। जिसको लेकर ज्ञापन दिया था।

सचिव रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रकार की शिकायत भी प्राप्त हो रही थी कि पक्षकार को वकील की फीस न देना पड़े इस कारण प्रकरण के दौरान वकील बदल लेता है, जिससे वकीलों को आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है साथ ही आपसी संबंध खराब हो रहे है। अब प्रकरणों में यदि कोई अधिवक्ता पूर्व से नियुक्त है तो उसकी बिना एनओसी के दूसरा अधिवक्ता न्यायालय में उपस्थित नहीं हो सकेगा। दोनों प्रस्तावों को जिला न्यायाधीश ने स्वीकार करते हुए संबंधित न्यायालयों को आदेश जारी किए हैं।

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