पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

7 मिनट के अंतराल से जन्मी तीन बेटियां:महिला डाॅक्टर नहीं, नर्स ने कराई डिलीवरी, वजन कम लेकिन तीनों स्वस्थ

दमोह25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • पहली ने 4.10, दूसरी 4.15 और तीसरी बेटी ने 4.17 बजे लिया जन्म, एक ही दिन में डिस्चार्ज

हटा सिविल अस्पताल में मंगलवार की सुबह एक महिला ने तीन बेटियों को एक साथ जन्म दिया है। तीनों के जन्म में 7 मिनट का अंतर है। रोचक बात यह है कि अस्पताल में लंबे समय से महिला डाॅक्टर नहीं है। ऐसे में एक नर्स ने महिला की डिलेवरी कराई। डिलेवरी के बाद मां एवं तीनों बेटियां स्वस्थ हैं। सामान्य डिलेवरी होने के बाद महिला की अस्पताल से छुट्‌टी कर दी गई। जिले में एक साथ तीन बेटियों के जन्म होने का यह पहला मामला बताया जा रहा है।

दरअसल कनकपुरा गांव निवासी आरती पति द्वारका यादव 28 ने दो वर्ष पहले एक बच्ची को जन्म दिया था। उसके बाद प्रसव होने में कुछ मुश्किलें आ रही थीं। प्रसव पीड़ा होने पर आरती को सिविल अस्पताल में दाखिल किया गया। जहां आरती ने इस बार एक साथ तीन बच्चियों को जन्म दिया है। पति द्वारका ने बताया कि गांव में ही मजदूरी करते हैं। हमारी एक बेटी नैंसी दो वर्ष की है। इसके बाद हमारी पत्नी ने एक साथ तीन बेटियों को जन्म दिया है। मुझे बड़ी प्रसन्नता है कि हमारे घर एक साथ तीन देवियां आईं।

उन्होंने बताया कि घर के बुजुर्ग सहमति देंगे तो तीनों बेटियों का नाम गंगा, जमना व सरस्वती रखेंगे। डॉ. सौरभ जैन ने कहा है कि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। बच्चों का जन्म साधारण प्रक्रिया में हुआ। ग्रामीण इलाकों में अपनी तरह का यह पहला मामला है।

जब किसी महिला ने एक साथ तीन-तीन बच्चों को जन्म दिया है। डाॅक्टर के मुताबिक एक बेटी 1 किलो 800 ग्राम की है। दूसरी 1 किलो 500 ग्राम और तीसरी बेटी 1 किलो 600 ग्राम की है। मंगलवार के तड़के सुबह 4.10 बजे पहली, 4.15 बजे दूसरी और 4.17 बजे तीसरी बेटी ने जन्म लिया।

नर्स ने सुरक्षित तरीके से कराया प्रसव
सिविल अस्पताल मे एक भी महिला डाॅक्टर न होने के बाद डाॅक्टरों की निगरानी मे नर्स स्वाति दुलारे और ताई शोभारानी ने महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। हालांकि बच्चों का वजन कम होने के बाद भी परिजन सहमति से कुछ घंटों बाद महिला को गांव ले गए। बच्चियों का शून्य डोज टीकाकरण करा दिया है।

खबरें और भी हैं...