शुद्धिकरण का अभियान:दूसरे कामों में उलझे अधिकारी, केवल नामांतरण के मामले सुलझे

दमोहएक महीने पहले
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राजस्व अभिलेखों में दर्ज त्रुटियों को सुधार के लिए एक से 15 नवंबर तक पूरे प्रदेश में राजस्व विभाग शुद्धिकरण पखवाड़ा मना रहा है। जिसमें नामांतरण, बंटवारा से लेकर राजस्व संबंधी त्रुटियों को सुधारने का लक्ष्य है। लेकिन राजस्व और दमोह के प्रभारी कैबिनेट मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के प्रभार वाले जिले में ही अभियान का उलझ गया है।

भले मंत्री ने इस मुहिम की शुरुआत दमोह से ही की है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभियान ठंडा पड़ गया है। निरंतर छुट्‌टी और खाद की किल्लत इनमें खलल डाल रही है। अभियान के 15 दिन में से 7 दिन छुट्‌टी, खाद वितरण और दमोह में आने वाले अधिकारी और मंत्रियों के प्रोटोकाॅल में निकल गए हैं। ऐसे में जिला मुख्यालय पर ऐसी कोई रिपोर्ट भी अब तक तैयार नहीं हुई है। जिसमें स्पष्ट आंकड़ा सामने आ सके, कि कितने नामांतरण, बंटवारा और अन्य शिकायतों का निराकरण करके उनमें शुद्धिकरण किया गया है।

दमोह तहसील मुख्यालय पर केवल 100 नामांतरण के प्रकरण ठीक करने की बात सामने आई, लेकिन जिले में क्या स्थिति है, इसका कोई डॉटा तैयार नहीं हुआ है। जबकि दमोह राजस्व मंत्री के प्रभार वाला जिला है, फिर भी यहां पर लापरवाही देखने को मिल रही है। दमोह तहसीलदार बबीता राठौर ने बताया कि अब तक नामांतरण के ज्यादा प्रकरण सामने आए हैं। बाकी शिकायतें नहीं मिलीं हैं। जबकि एसडीएम अविनाश रावत का कहना है कि अभी खाद वितरण को लेकर ज्यादा काम है। तहसील कार्यालय में त्रुटियां सुधारने के लिए आवेदन आते हैं। इधर एसएलआर हीरालाल तिवारी ने बताया कि अभी कुछ तहसीलों से डॉटा अा गया है। एक दो दिन में पूरा डॉटा जारी किया जाएगा।

यहां पर बता दें कि दमोह के लक्ष्मणकुटी में प्रभारी मंत्री ने इस अभियान की शुरुआत की थी। जिसमें उन्होंने बताया था कि रिकॉर्ड संबंधी जो त्रुटियां हैं, उनका निराकरण इसी पखवाड़े में किया जाना हैं। जबकि कुछ त्रुटियों को राज्य स्तर पर तो कुछ को जिला स्तर पर ठीक होना है। तिवारी ने बताया कि पखवाड़े में मुख्य रूप से नामांतरण और भूमि स्वामी का नाम आधार कार्ड अनुसार सुधारा जाना, क्योंकि इस त्रुटि के कारण कई बार किसानों को पीएम किसान और सीएम किसान योजना का लाभ नहीं मिल पाता।

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