कलेक्ट्रेट नहीं आने की खाई कसम:मुआवजा नहीं मिलने पर महिलाओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर दी ढोक, बोलीं- मर जाएंगी पर अब नहीं आएंगी

दमोह2 महीने पहले
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मुआवजा नहीं मिलने और समस्याओं का समाधान नहीं होने से गुस्साई महिलाओं ने कलेक्ट्रेट के दरवाजे पर ढोक दी। उन्होंने कसम खाई कि मर जाएंगी पर दोबारा अपनी समस्या लेकर यहां पर नहीं जाएंगी। महिलाओं के इस तरीके को देखकर प्रत्यक्षदर्शी भी हैरान रह गए। पूछने पर पता चला की सीतानगर सिंचाई परियोजना में इन महिलाओं के परिवारों की जमीन डूब में आ चुकी है, सरकार ने अभी तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया है। कई बार गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने कलेक्ट्रेट से तौबा करने का सोच लिया।

परियोजना से प्रभावित चैनपुरा गांव की दर्जनों महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंची और उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। उनकी मांग है कि उन्हें जमीन के बदले उचित मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। इन महिलाओं ने इसके पहले भी कई बार कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन दिया है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। इस बार पहुंची महिलाओं ने अपना ज्ञापन दिया, लेकिन साथ ही उन्होंने अपना गुस्सा भी जाहिर कर दिया। ज्ञापन देने के बाद कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार से बाहर निकली इन महिलाओं ने सामूहिक रूप से दरवाजे पर माथा टेका और कहा कि जब यहां पर उनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा तो अब वह दोबारा यहां पर नहीं आएंगी। अब वह अपनी समस्या का समाधान गांव में ही करेंगी।

बता दें कि करीब 600 करोड़ रुपए की सीता नगर सिंचाई परियोजना शुरुआत से ही विवादों में है। विवाद का प्रमुख कारण किसानों को उचित मुआवजा नहीं मिलना है। किसानों का कहना है कि जितनी जमीन उनकी डूब में जा रही है, उसे उस हिसाब से मुआवजा नहीं दिया जा रहा है। किसानों का विरोध जारी है और इसी दौरान आसपास के गांव के दर्जनों किसान अपनी मांग लेकर कलेक्ट्रेट आते रहते हैं।

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