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नाम की सड़क सुरक्षा समिति:3 साल से सिर्फ प्लानिंग में 4 पहिया वाहनों की पार्किंग, सीएमओ बदले तो ठंडे बस्ते में फाइल

दमोह14 दिन पहले
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दमोह | पेट्रोल पंप के बाजू से पार्किंग के लिए चिन्हित की गई जगह पर लग गई दुकानें। - Dainik Bhaskar
दमोह | पेट्रोल पंप के बाजू से पार्किंग के लिए चिन्हित की गई जगह पर लग गई दुकानें।
  • पार्किंग के लिए चिह्नित की गई जगहों पर अब होने लगा अतिक्रमण

त्यौहारों के चलते बाजार में इन दिनों भीड़ बढ़ गई है। सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों से बार-बार आवागमन बाधित हो रहा है। शहर में चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों को रखने के लिए एक भी पार्किंग स्थल नहीं है। जिससे सड़कों पर ही वाहन खड़े किए जाते हैं। ऐसे में जिसे जहां जगह मिली वहीं वाहन पार्क कर देता है।

पिछले तीन साल से सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में पार्किंग स्थलों को लेकर चर्चा की जाती है। पार्किंग स्थल चिन्हित भी हो गए, लेकिन वहां पर जमीन स्थिति पर कुछ भी नहीं हुआ। स्थिति यह है कि पार्किंग स्थलों के लिए चिन्हित जगहों पर ही अतिक्रमण होने लगा है।

शहर की बिगड़ी यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए बीते साल नगर पालिका ने पार्किंग के लिए जगह चिन्हित की थीं। जिसमें जिला अस्पताल के सामने पेट्रोल पंप के बाजू से खाली पड़ी जगह, कचौरा बाजार में वेटनरी अस्पताल परिसर एवं सरकारी बस स्टैंड के बाजू से बंद हो चुके शासकीय प्राइमरी श्रीखंडे स्कूल की जगह को चिन्हित किया गया था। यहां पर पार्किंग व्यवस्था बनाने के लिए टेंडर भी जारी किया गया था। लेकिन अचानक तत्कालीन सीएमओ बीड़ी कठरोलिया का दमोह से हटा स्थानांतरण हो गया, तब से पार्किंग बनाने की फाइल ठंडे बस्ते में पड़ी है।

नगर पालिका द्वारा बीते साल शहर के पार्किंग व्यवस्था के लिए जो जगह चिन्हित की थी, अब उन्हीं पर कब्जा हो गया है। जिला अस्पताल के सामने पेट्रोल पंप के बाजू से चिन्हित जगह पर लोगों ने अवैध रूप से टपरे व मयखाने बना लिए हैं। जहां पर लोग बैठकर शराब पीते हैं।

इसी तरह श्रीखंडे स्कूल को भले ही बाहर से टीनशेड लगाकर बंद कर दिया गया है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों द्वारा अंदर से दरवाजा खोलकर काम किया जाता है। इसी तरह करीब पांच साल पहले एवरेस्ट लॉज, बरांडा के सामने, बज़ाज़ी लालन के पास भी दो पहिया वाहनों को पार्क करने जगह चिन्हित की गई थी, जहां पर पार्किंग के बोर्ड भी लगाए गए थे, लेकिन वहां पर भी अतिक्रमण हो गया है।

सबसे ज्यादा खराब स्थिति घंटाघर की, लगता है जाम

शाम के समय शहर की यातायात व्यवस्था अनकंट्रोल हो जाती है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति घंटाघर के आसपास होती है। लोग सामान खरीदने के बहाने सड़कों पर दो पहिया एवं चार पहिया वाहन पार्क कर चले जाते हैं। आने-जाने वाले हॉर्न बजाते रहते हैं और जाम लग जाता है। यह जाम तभी खुलता है जब पुलिस आती है। बीते साल 19 दिसंबर को मानस भवन में आयोजित बैठक में पार्किंग स्थल चिन्हित करने के साथ सुझाव भी मांगे गए। अगस्त माह की बैठक में पार्किंग स्थल पर चर्चा हुई। लेकिन स्थिति जस की तस है।

कचौरा बाजार में पशु अस्पताल की जमीन पर फंस रहा पेंच

कचौरा बाजार स्थित पशु अस्पताल की खाली पड़ी जगह पार्किंग के लिए सबसे उपर्युक्त है। अब इस जमीन पर पेंच फंस रहा है। नगर पालिका का कहना है कि पहले वेटनरी विभाग ने सहमति दी थी, लेकिन अब नहीं दे रहे। जिससे यहां पर पार्किंग का मामला अटका है। जबकि पशु चिकित्सा के अधिकारियों का कहना है कि हमने नगर पालिका को नया नक्शा बनाने के लिए कहा है। उसी अनुसार काम होना चाहिए।

कचौरा बाजार में पशु अस्पताल की जमीन पर फंस रहा पेंच

कचौरा बाजार स्थित पशु अस्पताल की खाली पड़ी जगह पार्किंग के लिए सबसे उपर्युक्त है। अब इस जमीन पर पेंच फंस रहा है। नगर पालिका का कहना है कि पहले वेटनरी विभाग ने सहमति दी थी, लेकिन अब नहीं दे रहे। जिससे यहां पर पार्किंग का मामला अटका है। जबकि पशु चिकित्सा के अधिकारियों का कहना है कि हमने नगर पालिका को नया नक्शा बनाने के लिए कहा है। उसी अनुसार काम होना चाहिए।
जल्द ही पार्किंग स्थल बनाएंगे

पार्किंग स्थलों का काम कोरोना की वजह से प्रभावित हुआ है। वेटनरी अस्पताल की जो जगह चिन्हित थी, उसे वेटनरी विभाग देने में आनाकानी कर रहा है। पेट्रोल पंप के बाजू वाली जगह जल्द पार्किंग के लिए विकसित की जाएगा। अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
- निशिकांत शुक्ला, सीएमओ

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