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कोरोना में लापरवाही:7 एटीएम बूथ में विस्फाेट करके 46 लाख रुपए की लूट करने वाला पॉजिटिव आरोपी जिला अस्पताल से भागा

दमोहएक महीने पहले
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  • सुबह चार बजे पुलिस और जिला प्रशासन को दी गई सूचना, हटा जेल उप अधीक्षक ने प्रहरी को किया सस्पेंड

जिला अस्पताल के कोविड सेंटर में भर्ती 7 एटीएम बूथ में विस्फोट करके 46 लाख रुपए लूटने वाला कोरोना पॉजिटिव आरोपी सिविल इंजीनियर देवेंद्र पटेल सोमवार-मंगलवार की दरम्यानी रात 3 बजे भाग गया। प्रहरी की सूचना पर पुलिस अमला मौके पर पहुंचा और अस्पताल सहित बस स्टैंड और आसपास के रास्तों पर नाकाबंदी की। देर शाम तक पुलिस को आरोपी हाथ नहीं लगा था। इधर हटा जेल उप अधीक्षक ने जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात प्रहरी को सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने आरोपी की घेराबंदी के लिए छह टीमें गठित की हैं। आरोपी की सुरक्षा को लेकर जेल विभाग और जिला प्रशासन की गंभीर लापरवाही सामने आई है।

सुबह से ही पुलिस ने सभी नाकों की बंदी कर दी थी। एसपी हेमंत चौहान ने बताया कि पन्ना, दमोह, कटनी और जबलपुर में एटीएम बूथ में विस्फोट करके लूट के मामले में खजरी ग्राम निवासी सिविल इंजीनियर देवेंद्र पटेल 29 को गिरफ्तार किया गया था। गैसाबाद और देवडोंगरा में एटीएम बूथ में विस्फोट के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लेकर गई थी। रिमांड पूरी होने पर उसे हटा जेल भेजा गया था। जहां पर जेल भेजने से पहले उसकी कोविड की जांच कराई गई थी। जिसमें वह पॉजिटिव निकला था। उसे हटा में भर्ती कराया गया था। वहां से जिला अस्पताल लाया गया। हटा सीएचसी से आरोपी को कब जिला अस्पताल के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसकी सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
एसपी ने बताया कि सूचना मिलने पर सुबह अस्पताल का जायजा लिया था। आरोपी की तलाश करने के लिए नाकाबंदी कर दी गई है। सिविल सर्जन डॉ. ममता तिमोरी ने बताया कि कोविड अस्पताल में तीन कैदी हैं। तीनों को एक ही जगह शिफ्ट किया गया था। रात दो बजे सिस्टर ने ड्यूटी के दौरान तीनों आरोपियों को देखा था, वे मौके पर थे, उसके बाद उन्हें कुछ पता नहीं चला। अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज पुलिस खंगाल रही है, फिलहाल कोई सफलता नहीं मिली है। उन्होंने जो जानकारी मांगी थी, उपलब्ध करा दी गई है। जेल विभाग को सूचना दे दी गई है। अब कोविड अस्पताल में कैदी भर्ती नहीं होंगे। उनके लिए जिला जेल में अलग से कोविड आइसोलेट कक्ष बनाया गया है। दो कैदियों को भी वहीं पर शिफ्ट कर दिया गया है।
सभी को सूचना दी थी, मैंने प्रहरी को सस्पेंड किया

हटा जेल के उप अधीक्षक केके कोरी ने बताया कि 7 अगस्त को आरोपी के लिए हटा से जिला अस्पताल रेफर करने का दस्तावेज मिला था। जिस पर उसे हटा से दमोह भेजने के लिए कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, एसडीओपी, टीआई हटा, कोतवाली, काेविड केयर सेंटर को लिखित में सूचना दी गई थी। प्राथमिक जांच में ड्यूटी पर तैनात प्रहरी स्वराज पाठक की लापरवाही सामने आई है। उसे सस्पेंड कर दिया गया है। इसी तरह जिला जेल दमोह में पदस्थ जेल प्रहरी दीपक की लापरवाही भी जांच में मिली है। उसे दमोह जेल से सस्पेंड किया जाएगा। प्राथमिक जांच में दोनों जेल प्रहरी की लापरवाही मिली है। बता दें कि 27 जुलाई यानी करीब 16 दिन पहले देवेंद्र को 6 साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसके पास से पुलिस ने लूट के 25 लाख 57 हजार रुपए नगद, दो देशी पिस्टल, 3 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट, एक कलर प्रिंटर, तीन बाइकें, दो मोबाइल, जिलेटिन राड और लैपटॉप जब्त किए थे। इस गिरोह ने दमोह में 2, जबलपुर में 2 ,कटनी में 2 और पन्ना में एक एटीएम बूथ में विस्फोट में करके लूट की वारदात की थी।

कलेक्टर बोल- मौखिक सूचना मिली थी, एसपी बोले- एफआईआर की गई
कलेक्टर तरुण राठी ने बताया कि हटा एसडीएम राकेश मरकाम ने मौखिक सूचना देकर आरोपी के लिए जिला अस्पताल में शिफ्ट करने की बात कही थी। लिखित में ऐसा कोई आदेश नहीं आया था। मुझे यह नहीं बताया गया कि आरोपी इतना शातिर है। पुलिस फिलहाल जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इधर एसपी हेमंत चौहान का कहना है कि आरोपी के खिलाफ धारा 234 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह मामला ज्युडिशियल का है। हमें आरोपी को दमोह अस्पताल में भर्ती कराने के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई, न ही कोई सुरक्षा मांगी गई। आरोपी बहुत शातिर है। अभी टीमें पड़ताल में लगी हैं। मैंने सुबह 4 बजे अस्पताल पहुंचकर जायजा लिया था। आरोपी के लिए अब पन्ना, कटनी और जबलपुर पुलिस को रिमांड पर लेना था।

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