कोराेना की तीसरी लहर का खतरा बढ़ा:हटा में मिले पश्चिम बंगाल के 11 मरीजों के सैंपल वैरिएंट का पता लगाने दिल्ली भेजे

दमोह2 महीने पहले
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जिले में दो सप्ताह पहले हटा के ओएनजीसी कैंप में कोरोना पॉजिटिव मिले 11 मरीजों के सैंपल जीन सिक्वेंसिंग जांच के लिए दिल्ली भेजे गए हैं। हालांकि एक सप्ताह पहले भेजे गए इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई। करीब एक सप्ताह बाद इन सैंपलों की रिपोर्ट का पता चलेगा। दरअसल वर्तमान में जीन सिक्वेंसिंग जांच की सुविधा केवल दिल्ली और हैदराबाद में है। जो भी कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उनके सैंपल की यह जांच होना जरूरी है। यह सुविधा फिलहाल की स्थिति में पूरे मध्यप्रदेश में नहीं है।

सीएमएचओ डॉ. संगीता त्रिवेदी ने बताया कि हटा के ओएनजीसी कैंप में 12 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले थे। जो ठीक होकर जा चुके हैं, लेकिन उनमें से 11 सैंपल जीन सिक्वेंसिंग जांच के लिए भेजे गए हैं। उन्होंने बताया कि देश में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन को लेकर यह निर्णय लिया गया है। हर सैंपल की जांच के दौरान नए स्ट्रेन को लेकर जीन सिक्वेंसिंग जांच अनिवार्य हो गई है। जो यात्री बाहर से आ रहे हैं, पहले उनका आरटीपीसीआर टेस्ट किया जा रहा है। कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उन्हें कोविड अस्पताल के अलग वार्ड में भर्ती किया जाएगा। इसके साथ ही पॉजिटिव मरीज में कोरोना वायरस का कौन सा रूप मौजूद है, इसके लिए जीन सिक्वेंसिंग टेस्ट अनिवार्य किया गया है। अभी जीन सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजने के दो ही विकल्प हैं। हालांकि दमोह में वर्तमान में एक भी कोरोना पॉजिटिव केस नहीं है।

विदेश से आए पांच सदस्यों के सैंपल लिए गए: दमोह में पिछले चार दिन के अंदर पांच विदेशी नागरिक आए हैं। जिनके कोरोना के सैंपल लिए गए हैं। इनमें 4 नागरिक अमेरिका के हैं, जबकि एक नागरिक रसिया से हैं। 4 नागरिकों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है, लेकिन एक सप्ताह बाद फिर से उनके सैंपल लिए जाएंगे। उसके बाद पुष्टि होगी। जबकि रसिया से आए व्यक्ति का पहला सैंपल लिया गया है।

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