नियमों की अनदेखी:काेरोना कर्फ्यू के बावजूद शटर बंद कर कारोबार कर रहे शहर के कुछ व्यापारी

दमोह6 महीने पहले
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दमोह| बरंडा के सामने कपड़ा व्यवसायी शटर बंद कर ग्राहकों को सामान बेच रहे हैं। - Dainik Bhaskar
दमोह| बरंडा के सामने कपड़ा व्यवसायी शटर बंद कर ग्राहकों को सामान बेच रहे हैं।
  • गांवों से आ रही ग्राहकों की भीड़, बरंडा में बिना मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग के हो रही खरीददारी

जिले में कोरोना बेकाबू हो गया है। घरों के अंदर भी लोग सुरक्षित नहीं बच पा रहे हैं, इधर शहर के लालची व्यापारी आपदा में भी अवसर तलाश रहे हैं। अधिक मुनाफा के चक्कर में व्यापारी पुलिस की पीठ के पीछे कारोबार करने में जुटे हैं। ऐसे व्यापारियों को कोरोना व्यापारी कहा जाए तो कम नहीं होगा। व्यापारी अपनी दुकानों में ग्रामीण अंचलों से खरीदी करने आने वाली भीड़ को अंदर बुलाकर शटर बंद कर लेते हैं और मनमाने दामों पर कपड़ा, बर्तन, किराना सहित अन्य सामग्री बेच रहे हैं। पुलिस के आने का डर दिखाकर ये कारोबारी ग्रामीण क्षेत्र की जनता को लूट रहे हैं और उनकी भी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

ऐसा ही नजारा शहर के घंटाघर के पास स्थित बरंडा और बरंडा के सामने, बर्तन मार्केट में देखने को मिला। दरअसल दोपहर में घंटाघर के पास पुलिस आम जनता को रोककर घर से निकलने का कारण पूछकर वापस लौट रही थी। इधर व्यापारी अपने कारोबार में मस्त थे। सूचना मिलने पर पुलिस दुकानों के पास तो पहुंची लेकिन शटर खुलवाने की हिम्मत नहीं जुटा पाई और वापस लौट गई। पुलिस के पीठ दिखाते ही दुकानों के शटर दरवाजे खुले और ग्राहक कोरोना गठरी लिए बाहर निकले और आजू बाजू ताक झांककर अपने अपने रास्ते चल दिए। बरंडा के सामने कपड़े के थोक व्यापारी के यहां रोज यही नजारा देखा जाता है।

हालांकि बुधवार दोपहर इन दुकानों के सामने खड़ी बाइकों में से चार बाइकें पुलिस ने नगर पालिका के कचरा उठाने वाले ट्रेक्टर की ट्राली में रखवाकर कोतवाली पहुंचाई लेकिन दोबारा वाहन नहीं आने से कार्यवाही वहीं थम गई।

व्यापारी की दुकान पुलिस पहुंची लेकिन शटर बजाकर लौट आई
बरंडा में एक दुकान में ग्राहक होने की पुष्टि के बाद पुलिस वहां पहुंची और शटर बजाकर वापस लौट गई। कुछ समय बाद शटर के बाजू के दरवाजे से लोग कपड़ों की गठरी लेकर निकले एक बुजुर्ग बिना मास्क का कैमरे में कैद हुआ।

इसी तरह ग्राहकों की झड़ी लगी रही। यही आलम बरंडा के द्वार के ठीक सामने सड़क के दूसरी ओर वाली दुकान में था, दरवाजे से ग्राहक अंदर जाते थे और सामग्री लेकर बाहर आ जाते थे।

इसी क्षेत्र में कोतवाली टीआई एचआर पांडे अपनी टीम के साथ राहगीरों को डंडा दिखाकर भगाते रहे लेकिन दुकानदारों पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। यहां तक सड़क किनारे फल ठेला लगाने वालों को कोतवाली ले जाया गया। जबकि बड़े व्यापारियों को बख्शा जा रहा है।

बस स्टैंड रोड पर फल ठेला लगाए तरूण खटीक को ठेला सहित पुलिस कोतवाली ले गई। तरूण ने बताया कि वह सड़क किनारे खड़ा था और पुलिस कोतवाली ले आई जबकि बड़े दुकानदार खुलकर सामग्री बेच रहे हैं।

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