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महंगाई की मार:संतान सप्तमी; 15 ग्राम चांदी की चूड़ी के दाम 1100 रुपए

दमोह6 दिन पहले
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  • पिछले साल 750 रुपए में बिकी थी, एक साल में 20 हजार रुपए बढ़े प्रति किलोग्राम चांदी के दाम

आज सोमवार को संतान सप्तमी पर महिलाएं संतान की दीघायु की कामना के लिए व्रत रखकर पूजन करेंगी कथा सुनेगीं। लेकिन इस बार संतान सप्तमी पूजन में उपयोगी मानी जाने वाली चांदी की चूड़ियों पर महंगाई का असर देखा जा रहा है। जिससे रविवार को बाजार में सराफा दुकानों पर महिलाओं की भीड़ कम नजर आई। पिछले साल की अपेक्षा इस साल चांदी और सोने के दामों में काफी बढ़ोत्तरी हुई है।

सराफा व्यापारी बुंदेला ज्वेलर्स मनोज स्वर्णकार ने बताया कि पिछले साल संतान सप्तमी के समय चांदी प्रति 15 ग्राम 750 रुपए की थी, जबकि इस साल 15 ग्राम चांदी के दाम 1100 रुपए हो गए हैं। उन्होंने बताया कि एक साल में लगभग 20 हजार रुपए प्रति किलोग्राम चांदी के दाम बढ़ गए हैं।

15 ग्राम वजन की चूड़ी पिछले साल 750 रुपए में बिकती थी वही इस साल 1100 रुपए में बिक रही है। इसी प्रकार पिछले साल 1 तोला यानि प्रति 10 ग्राम सोना के दाम 41 हजार के आसपास थे इस साल 48500 हो गए हैं। हालांकि करीब दो माह पहले सोने चांदी के दाम इससे ज्यादा थे जिसमें वर्तमान में गिरावट आई है। आने वाले दिनाें में सोने चांदी के दाम और बढ़ेगे।

चांदी के दाम बढ़ने से सोने के प्रति बढ़ा रुझान

सराफा व्यापारी की माने तो चांदी के दाम बढ़ने से इस बार भले ही बिक्री कम हुई है लेकिन लोगों का रुझान चांदी से हटकर सोने की ओर बढ़ा है। संतान सप्तमी पर चांदी की चूड़ियों की जगह सोने की चूड़ियाें की ज्यादा डिमांड आई है। इसके अलावा अन्य ज्वेलरी में सोने की मांग बढ़ रही है।

भगवान की प्रतिमा के सम्मुख रखा जाता है

ज्योतिष आचार्य पं. रवि शास्त्री के अनुसार संतान सप्तमी का व्रत संतान की दीर्घायु की कामना और भाग्यशाली संतान की कामना को लेकर महिलाओं के द्वारा किया जाता है। इस बार सोमवार को संतान सप्तमी पड़ रही है। इस दिन भगवान शंकर पार्वती की प्रतिमाएं रखकर महिलाएं व्रत कथा सुनती हैं पूजन करतीं हैं, पूजन में चांदी या सोने की चूड़ी या फिर रेशम का गड़ा बनाकर रखा जाता है, जिसमें सात गांठें लगाई जाती हैं और गुड़ के सात पुआ बनाकर रखे जाते हैं।

यथा संभव सोने चांदी पुआ काे तांबे के पात्र में रखकर पंडित को दान किया जाता है। उन्होंने बताया कि संतान काे धन माना जाता है इसी प्रकार पूजा में सोने चांदी यानि कीमती धन को रखने का महत्व है ताकि उसे संभालकर रखें। शास्त्रों के अनुसार संतान सप्तमी पूजन व्रत करने से भाग्यशाली संतान की प्राप्ति होती है।

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