अमानवीयता की हदें पार:मौत के बाद 3 घंटे पलंग पर पड़ा रहा शव

दमोह6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
दमोह| जिला अस्पताल के टीवी वार्ड में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत होने के बाद भी तीन घंटे शव पलंग पर पड़ा रहा। - Dainik Bhaskar
दमोह| जिला अस्पताल के टीवी वार्ड में भर्ती कोरोना पॉजिटिव मरीज की मौत होने के बाद भी तीन घंटे शव पलंग पर पड़ा रहा।
  • जिला अस्पताल -हर दिन बरती जा रही लापरवाही, शिकायतें लेकिन कोई सुधार नहीं, मदर वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर न बदलने से महिला की मौत

जिला अस्पताल में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत के बाद भी शव उठाने में लापरवाही बरती जा रही है। गुरुवार को टीवी वार्ड के प्रथम तल पर कोरोना पॉजिटिव एक मरीज की दोपहर दो बजे मौत हो गई, लेकिन शव वहां पर पांच बजे तक पड़ा रहा। इस बीच करीब 20 बार दूसरे मरीजों के अटेंडरों ने स्टाफ को सूचना दी और शव उठाने के लिए कहा, लेकिन कोई सामने नहीं आया।

आखिरकार पांच बजे हंगामा की स्थिति निर्मित होने पर शव उठाया गया। इसी तरह आक्सीजन सिलेंडर न बदले जाने से मदर वार्ड में कोरोना पॉजिटिव एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और समय पर सिलेंडर न बदलने का आरोप लगाया है।

इन सबके बीच कलेक्टर ने दो दिन पहले एंबुलसें का किराया तय करने का आदेश जारी किया था, लेकिन दूसरे दिन ही आदेश को दरकिनार करते हुए एक एंबुलेंस संचालक ने दमोह से भोपाल के बीच का किराया 23500 रुपए वसूल लिया। जैसे-जैसे कोरोना का संक्रमण बढ़ रही है, जिला अस्पताल में व्यवस्थाएं चौपट होती जा रही हैं, प्रबंधन की लापरवाही से न तो मरीजों का ध्यान दिया जा रहा है और न ही कोई मॉनीटरिंग कर रहा है। लापरवाही भी इतनी कि लोगों को अमानवीयता नजर आने लगी है।

अमानवीयता की हदें पार
गुरुवार को टीवी वार्ड और मदर वार्ड में अमानवीयता देखने भी मिली। टीवी वार्ड में रामकुमार गुप्ता नामक कोरोना पॉजिटिव मरीज की दोपहर 2 बजे मौत हो गई। प्रथम तल पर भर्ती इस मरीज की मौत होने की सूचना दूसरे मरीजों के अटेंडरों ने काउंटर पर जाकर दी, लेकिन इस बीच कोई मौके पर नहीं पहुंचा और न ही शव हटाया गया।

काफी देर तक जब शव नहीं उठा, नर्स और डाक्टर भी राउंड पर आए और चले गए, लेकिन शव नहीं उठवाया गया। शाम पांच 5 बजे शव उठाने के लिए कर्मचारी पहुंचे। तब कहीं लोगों ने राहत की सांस ली। इस बीच शव बीच पलंग पर पड़ा रहा और लोगों का आना लगा रहा।

इसी तरह जिला अस्पताल के मदर वार्ड का एक वीडियो सामने आया। जिसमें एक इमरती रानी नाम की महिला की आक्सीजन का सिलेंडर न बदले जाने की वजह से मौत हो गई। परिजन चीख-चीख कर चिल्लाते रहे और प्रबंधन पर दोष मढ़ते रहे।

महिला की बेटी वीडियो में बोली, आक्सीजन सिलेंडर खत्म हो जाता है, देखने वाला कोई नहीं है। वह अपने परिजनों से कह रही थी कि पहले ही कहा था, यहां से ले चलो, यहां पर कोई देखने वाला नहीं है। अस्पताल की लापरवाही से सभी की जान जा रही है।

250 किमी का किराया 3250 रुपए, वसूले 23500 रुपए
मागंज वार्ड नंबर 5 निवासी कृष्ण कुमार चौबे कोरोना पॉजिटिव हैं। वे यहां पर भर्ती थे। लेकिन स्थिति में सुधार न होने पर उनके बेटे अजय चौबे ने दमोह से भोपाल के लिए रैफर करा लिया। उन्होंने तिवारी की एंबुलेंस बुक कराई। एंबुलेंस संचालक ने भोपाल तक का किराया 23500 रुपए वसूला। जबकि 3250 रुपए किराया लगता।

क्योंकि जिस हिसाब से जिला प्रशासन ने एंबुलेंस की रेट लिस्ट जारी की है। उस हिसाब से महेंद्रा बोलेरो कार का किराया 13 रुपए प्रतिकिलो मीटर का रेट लगाना था। 250 किमी का किराया इस तरह 3250 रुपए होता है, लेकिन संचालक ने इतनी राशि न लेकर उसकी जगह 23500 रुपए की राशि वसूल ली।

अजय चौबे ने बताया कि पिता की तबियत में सुधार नहीं हो रहा था, इसलिए उन्होंने एंबुलेंस किराए पर ली थी, रात में उन्होंने जो रेट तय किया था, उसी हिसाब से भुगतान किया। कम राशि में संचालक जाने के लिए तैयार नहीं था और मरीज की हालात बिगड़ रही थी।

खबरें और भी हैं...