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जितना लक्ष्य, उतनी खरीदी:बारिश में भीगे पटना मानगढ़ के गेहूं में लगी फफूंद, वेयरहाउस में रखने से इनकार किया

दमाेह25 दिन पहले
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बनवार|खरीदी केंद्र पर बारिश में भीगा पड़ा गेहूं। जिसमें अब फफूंद लग गई है। - Dainik Bhaskar
बनवार|खरीदी केंद्र पर बारिश में भीगा पड़ा गेहूं। जिसमें अब फफूंद लग गई है।
  • शनिवार सेे जिले की 82 समितियाें में सरकारी खरीदी बंद हाे गई

जिले में शनिवार को गेहूं की खरीदी समाप्त हो गई। इस बार दमोह की 82 समितियों में 24 लाख क्विंटल अनाज की खरीदी की गई। शासन की ओर से इतना ही लक्ष्य भी तय किया गया था, इधर टीकमगढ़ से रिजेक्ट करने के बाद वापस आया गेहूं ठीक करके उसे रेलवे रैक के माध्यम से होशंगाबाद इटारसी भेजा रहा है। संभवता रविवार को रेलवे स्टेशन पर रैक लगेगा और करीब दो लाख क्विंटल गेहूं की खेप रवाना की जाएगी। को-आॅपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक एसके कन्नौजिया ने बताया कि टीकमगढ़ से जो गेहूं वापस आया था, उसकी जांच कराई और कुछ गेहूं खराब निकला है, जो बारिश में खराब हाे गया था, अमूमन 5 सौ क्विंटल गेहूं रिजेक्ट किया गया होगा। बाकी गेहूं को ठीक करके उसे फिर से बोरियां में पैक करके उसे बाहर भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब टीकमगढ़ की जगह होशंगाबाद, इटारसी रेलवे के माध्यम से परिवहन कराया जा रहा है। जिस तरह से टीकमगढ़ से गेहूं लौटाया गया था, उस तरह की उसकी गुणवत्ता खराब नहीं थी। वहां की जांच समिति ने भी गेहूं को पास कर दिया था, लेकिन वहां नान डीएम ने स्वीकार नहीं किया।

जिससे उसे दोबारा वापस बुलाना पड़ा। श्री कन्नौजिया के मुताबिक इस बार जिले में करीब 24 लाख क्विंटल गेहूं की खरीदी का लक्ष्य रखा गया था। जिसकी आपूर्ति हो गई है। जो गेहूं तीन दिन की बारिश में भीगा था, उसे भी एफएक्यू बनाया गया है। कुछ मात्रा में गेहूं खराब हुआ है। उसका डॉटा तैयार किया जा रहा है। टीकमगढ़ से को-ऑपरेटिव बैंक की समितियों का 14 सौ 26 क्विंटल गेहूं वापस आया था। बाकी अन्य समितियों का है। हमारे गेहूं में ज्यादा नुकसान नहीं निकला है।

गेहूं की बोरियां पानी में सड़ गईं
मौसम विभाग के द्वारा चेतावनी के बाद भी बारिश से गेहूं के बचाव की व्यवस्थाएं नहीं किए जाने से खरीदी केंद्रों पर गेहूं भीग गया था। जो खराब हो गया है। सर्वाधिक नुकसान जबेरा ब्लाॅक के पटना मानगढ़ खरीदी केंद्र पर हुआ जहां गेहूं की बोरियां पानी में पडी़ रही थी। जिसकी खबर प्राथमिकता के साथ प्रकाशित की गई थी बारिश थमने के बाद समिति द्वारा गेहूं के सुखाने का प्रयास नहीं किया गया और बारिश से भींगी इन बोरियों को वेयर हाउस में भंडारण के लिए भेज दिया गया, नतीजा यह रहा कि वेयर हाउस संचालक ने भीगा गेहूं लेने से मना करते हुए तीन ट्रक माल वापस खरीदी केंद्र भेज दिया। अब यह गेहूं खरीदी केंद्र में पडा़ संडाध मार रहा है।

समिति द्वारा गलती की गई
नागरिक आपूर्ति निगम के प्रबंधक रामविलास तिवारी का कहना है कि समिति द्वारा गलती की गई है और जितना भी गेहूं खराब हुआ है वह समिति को जमा करना होगा।

बारिश में गेहूं बचाने का प्रयास नहीं किया
ज्ञात हो कि किसानों द्वारा अपनी उपज खरीदी केंद्र पटना मानगढ़ में बेची इसके बाद जब बारिश हुई तो समिति संचालक राधिका स्व सहायता समूह द्वारा गेहूं को बारिश से बचाने का प्रयास नहीं किए गए थे, नतीजतन गेहूं पानी से भींग गया। इसके बाद जब समिति संचालक ने यह तीन ट्रक गेहूं नरसिंहगढ़ वेयर हाउस भेजा तो उसे वापस लौटा दिया गया।

जब गेहूं वापस खरीदी केंद्र पहुंचा तो बोरियां फट गई थी और सड़ा गेहूं बाहर गिर रहा था, पूरे गेहूं में फफूंद लग गई है जिससे बोरियों का वजन भी कम हो गया। अब यह खराब गेहूं खरीदी केंद्र में पडा़ है और संडाध मार रहा है। इसके बाद भी समिति प्रबंधन ने बारिश से गेहूं को बचाने के लिए कोई उपाय अभी तक नहीं किए है।

भले ही बारिश में खराब गेहूं का नुकसान खरीदी करने वाली समितियों को भुगतना पड़े तीन सौ क्विंटल गेहूं का नुकसान खरीदी प्रबंधन को भुगतना पड़े लेकिन गेहूं खरीदी केंद्रों व्याप्त अव्यवस्थाओं के लिए गेहूं उपार्जन में लगे जवाबदेह अधिकारियों कर्मचारियों की अनदेखी से भी इंकार नहीं किया जा सकता।

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