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  • The Land Of A Tribal Was Grabbed By Calling The Wife A Tribal, Now Orders To File A Case Of 420 On The Husband And Wife

दमोह में मिस्टर एंड मिसेज 420:पत्नी को आदिवासी बताकर हड़प ली आदिवासी की जमीन, अब पति-पत्नी पर 420 का मामला दर्ज करने के आदेश

दमोह9 दिन पहले
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जिले की तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आने वाले धनगोर गांव में एक आदिवासी महिला की जमीन फर्जी तरीके से दूसरे के नाम कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत के बाद एसडीएम तेंदूखेड़ा ने मामले की जांच की तो पता चला फर्जी दस्तावेजों के सहारे गांव के ही एक व्यक्ति ने जमीन को पहले अपनी पत्नी के नाम कराया और उसके बाद अपने नाम करा लिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद एसडीएम अंजलि द्विवेदी ने तेंदूखेड़ा पुलिस को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि संबंधित दोषियों के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया जाए। मामला अब पुलिस के पास पहुंचा है।

ये है पूरा मामला
धनगोर ग्राम के कोदू आदिवासी ने कुछ साल पहले अपनी जमीन गांव के सीताराम पाल के पास गिरवी रखी थी, लेकिन बाद में सीताराम पाल की नियत बिगड़ गई और उसने कोदू आदिवासी की जमीन अपनी पत्नी को आदिवादी बनाकर नाम करवा दी। इसकी जानकारी कोदू आदिवासी को उस समय हुई जब जमीन जल संसाधन विभाग से धनगोर जलाशय के लिए जल कर भरने पत्र आया। जब वह उसकी जानकारी लेने गया तो कोदू को पता चला कि उसकी जमीन किसी कपूरीबाई आदिवासी के नाम पर हो गई है, जबकि उसके परिवार या घर मे ऐसे नाम की कोई महिला ही नहीं थी। फिर उसने खोजबीन की तो पता चला कपूरी आदिवासी नहीं कपूरी पाल नामक महिला के नाम जमीन दर्ज है। वह महिला उसी आदमी की पत्नी है, जिसके पास उनकी जमीन गिरवी रखी हुई है।

शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
कोदू को जानकारी लगने पर उसने इसकी शिकायत भोपाल मानव अधिकार आयोग, अनुसूचित जाति विभाग, दमोह कलेक्टर ओर तेंदूखेड़ा एसडीएम के पास की। तेंदूखेड़ा एसडीएम ने जब इस मामले की जांच की तो पता चला कि आदिवासी की जमीन को फर्जी तरीके से पाल ने अपनी पत्नी को आसिवासी बनाकर नाम करा ली है और फिर बाद में पत्नी के नाम से खुद के नाम पर करा लिया है।

80 डिसमिल जमीन का मामला
2005 में कोदू आदिवासी ने अपनी 80 डिसमिल जमीन गांव के ही सीताराम पाल के पास गिरवी रखी थी। 2008 में सीताराम ने वह जमीन अपनी पत्नी कपूरी को आदिवासी बनाकर उनके नाम पर करा दी थी, जिसमे कपूरी आदिवासी नाम चढ़ गया और 2017-18 में वह जमीन फिर कपूरी बाई के नाम से सीताराम पाल के नाम पर हो गई। जिसकी जानकारी लगते ही भूमि स्वमी कोदू आसिवासी ने इसकी शिकायत की थी और उस शिकायत के बाद अब उसने पति पत्नी दोषी पाए गए।

420 का मामला दर्ज करने भेजा पत्र
एसडीएम अंजलि द्विवेदी ने बताया मामले में जब जांच की गई तो यह साफ हो गया कि फर्जीवाड़ा करके आरोपी पाल ने पहले आदिवासी की जमीन को अपनी पत्नी के नाम उसे आदिवासी बताकर किया और उसके बाद फिर उस जमीन को अपने नाम कर लिया है। दस्तावेजों से साफ हो गया है, इसलिए उन्होंने इस मामले में तेंदूखेड़ा पुलिस को पत्र लिखकर आरोपियों के खिलाफ धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा है।

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