तस्करी का नया ट्रेंड:मालगाड़ी की बाेगी में था डेढ़ क्विंटल गांजा, मजदूरों ने पकड़वाया

दमोह2 महीने पहले
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अब तक तस्कर ट्रेन, कार और बाइक से गांजा की तस्करी करते थे, लेकिन जिले के पथरिया में मंगलवार को गांजा की तस्करी का नया ट्रैंड सामने आया है। यहां मालगाड़ी की बोगी में डेढ़ क्विंटल गांजा बोरियों में भरा मिला है। यह खेप कहां ले जाई जा रही थी। इसकी जानकारी नहीं लगी है।

सतना से आई यह मालगाड़ी पहले दमोह में खड़ी हुई और उसके बाद पथरिया के पास सोयाबीन प्लांट के सामने गेहूं भरने के लिए खड़ी की गई थी। गेहूं भरने जैसे ही मजदूरों ने बोगी का गेट खोला तो उसमें बोरियां नजर आईं। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने जांच की और गांजा होने की बात कही। गांजा की जांच जीआरपी पुलिस अब सागर एफएसएल से करा रही है। सागर जीआरपी पुलिस गांजा जब्त करके अपने साथ ले गई। जानकारी के अनुसार मंगलवार की दोपहर 1 बजे मालगाड़ी में मजदूरों द्वारा गेहूं लादने का काम किया जा रहा था। जैसे ही एक मजदूर ने मालगाड़ी की 8 नंबर की बोगी का दरवाजा खोला तो खाली बोगी के अंदर 4 सफेद रंग की बोरियां पड़ी हुई थीं। संदिग्ध नजर आने पर उसने इसकी जानकारी स्टेशन के कर्मचारियों को दी। जिसके बाद स्टेशन पर तैनात जीआरपी के आरक्षक रविकांत रजक व अनिल ने मौके पर जाकर देखा।

खड़ेरी साइलाे से दिल्ली भेजा जा रहा गेहूं
बटियागढ़ ब्लाॅक के ग्राम खड़ेरी में एक साल पहले साइलो केंद्र के माध्यम से गेहूं खरीदी गई थी। जिससे वहां पर हजारों क्विंटल गेहूं का स्टॉक रखा है। यहां से पथरिया रेलवे स्टेशन पास पड़ता है। जिसकी वजह से ट्रकों के माध्यम से गेहूं को पथरिया रेलवे स्टेशन लाकर मालगाड़ी में भरकर बाहर भेजा जा रहा है।

सतना से दमोह आई थी 42 बोगियों की मालगाड़ी
दमोह स्टेशन प्रबंधक जेएस मीणा का कहना है कि 42 बोगियों की मालगाड़ी मंगलवार की सुबह सतना से दमोह आई थी। जिसमें से 21 को पहले पथरिया ले जाया गया, शेष 21 बोगियों को दमोह लाकर गोदाम के सामने खड़ा किया गया। गांजा कहां से आया, इसके संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

गांजा जैसी हरी पत्तियां नजर आईं
जांच के दौरान बोरियों में गांजे जैसे ही हरे पत्तियां नजर आईं। गांजा से गंध भी आ रही थी। कुछ देर अधिकारी यह तय नहीं कर पा रहे थे कि यह गांजा है या भांग। बाद में जीआरपी ने पंचनामा बनाकर गांजे की बोरियां को एफएसएल से जांच कराने की बात कहकर वाहन में रखकर अपने साथ सागर ले गए। दरअसल गांजा में भांग में मिलाकर ले जाया जाता है, ताकि गांजे की गंध न आए।

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