अवैध व्यापार:गौ तस्करों ने किया हवाई फायर, ट्रक छोड़कर भागे, 45 बैल कत्लखाने जाने से बचाए गए

हटा8 महीने पहले
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  • रजपुरा थाना क्षेत्र में गौवंश परिवहन रोकने में पुलिस नाकाम हो रही साबित
  • गौ सेवकों की सक्रियता से पकड़ा गया ट्रक

रजपुरा थाना क्षेत्र में गौवंश का अवैध व्यापार और परिवहन बेरोकटोक जारी है। यहां गौवंश का परिवहन रोकने में पुलिस नाकाम साबित हो रही है। यही वजह है कि गौ सेवकों और हिंदू संगठनों को स्वयं रतजगा करना पड़ रहा है। शनिवार-रविवार की दरम्यानी रात सुरभि गौ सेवा समिति सदस्यों ने जंगल से बैलों से भरे एक ट्रक को पकड़ा तो चलते ट्रक को छोड़कर भागे ड्राइवर और क्लीनर ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायर किए और जंगल में भाग गए। सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंचा। इस दौरान हिंदू संगठनों के सदस्य स्वयं ही ट्रक चलाकर थाने ले आए। जहां पर आगे की कार्रवाई की गई। सादपुर गांव के पास से बैल नंदियों से तीन ट्रक भरे जाने की सूचना मिली थी गौसेवकों ने बताया कि सादपुर गांव के पास से बैल नंदियों से तीन ट्रक भरे जाने की सूचना मिली थी, लेकिन एक ही ट्रक पकड़ा जा सका है। इस जंगली क्षेत्र के रास्ते छतरपुर से जुड़े होने के कारण यहां से बड़े पैमाने पर गौवंश की तस्करी की जा रही है। जनवरी महीने में इसी तरह एक ट्रक को इसी क्षेत्र में पकड़ा गया था, लेकिन तब भी चालक परिचालक फरार हो गए थे। जिसे फरवरी में ट्रक की सूचना मिलने पर उसे यादव ढाबा के पास घेरकर पकड़ा गया था।

ट्रक में क्रूरतम तरीके से बांधे गए थे बैल, उतारने के दौरान दो नंदियों ने दम तोड़ा
थाना परिसर में ट्रक के पहुंचने पर ट्रक में क्रूरतम तरीके से बांधे गए बैल नंदियों को नीचे उतारने में गौसेवकों ने काफी मशक्कत की। इस दौरान दो नंदियों ने दम भी तोड़ दिया। ट्रक में जो मोबाइल गौसेवकों को मिला था वह भी पुलिस को दिया गया, लेकिन उस पर बार-बार आ रहे काल को बातों में उलझाने का प्रयास करना चाहिए था कि उस तरफ से ट्रकों की लोकेशन कौन ले रहा है, लेकिन पुलिस ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

आचार संहिता प्रभावी फिर भी हो रहा अवैध परिवहन
सुरभि गौ सेवा समिति के संदीप सोनी ने आरोप लगाया कि कुछ ग्रामीणों ने गौवंश तस्करी को अपना धंधा बना लिया है। वर्तमान में चुनाव आचार संहिता प्रभावी होने के बावजूद भी अन्य प्रदेशों के ट्रकों का जिले की सीमा में मय हथियार के प्रवेश कर जाना और ट्रक में गौवंश को लोड कर कई थाना क्षेत्रों से होकर निकल जाना रात्रिकालीन गश्त और पुलिस की निष्क्रियता को दर्शाता है। बहरहाल गौसेवकों की सक्रियता से कम से 45 नंदियों की जान कत्लखाने में जाने से बच गई। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान अंशुल तिवारी, गोलू दीक्षित, बबलू राय, अंशुल सोनी, रवि सोनी, दीपक सोनी, सचिन सोनी, अक्षय सोनी, ओम सोनी, अभिषेक सोनी आदि का सहयोग रहा।

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