समस्या:वेतन न मिलने से अध्यापक एवं शिक्षकों में आक्रोश

हटा8 महीने पहले
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  • बैंक की किश्तें भरने में हो रही परेशानी

जिले के अध्यापक संवर्ग एवं राज्य शिक्षा सेवा संवर्ग के शिक्षकों को माह मार्च का वेतन आज दिनांक तक नहीं मिला है। जिससे उन्हें अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने में खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। एक तरफा शासन के आदेश में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि माह की प्रत्येक एक तारीख को कर्मचारी के खाते में उनकी वेतन पहुंच जाना चाहिए, लेकिन यहां पर अधिकारियों की मनमानी की वजह से समय पर आवंटन नहीं दिया जा रहा है। बताया गया है कि आवंटन उपलब्ध न होने के कारण मार्च माह की वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है। जबकि भुगतान के लिए आवंटन मांग संख्या अनुसार मांग पत्र का दायित्व संभालने वालों की लापरवाही का खामियाजा शिक्षक संवर्ग को भोगना पड़ रहा है। मप्र शासकीय अध्यापक संगठन के प्रदेश अध्यक्ष आरिफ अंजुम द्वारा आयुक्त को पत्र लिखकर आवंटन उपलब्ध कराने मांग की गई थी लेकिन आज तक आवंटन उपलब्ध नहीं हुआ है। जिला कोषालय में सभी के बिल भी लगभग लगे हुए हैं लेकिन कोई औचित्य नहीं है। प्रदेश उपाध्यक्ष अजेंद्र सिंह राजपूत का कहना है कि वर्तमान में हमारे साथी चुनाव जैसे जिम्मेदारी वाले कार्य में तो शिक्षकों को लगाया गया है, लेकिन भुगतान के मामले में जवाबदेही नहीं है। एक ही आय पर निर्भर होने के कारण अधिकतर शिक्षकों पर होम लोन और पर्सनल लोन का भी भार है, जिनकी किस्त 5 से 10 तारीख के बीच कटती है। किस्त का समय पर भुगतान नहीं होने से अतिरिक्त व्याज देना पड़ता है। अध्यापक संगठन के पदाधिकारियों ने जिला स्तरीय अधिकारियों से पूरे मामले को अपने संज्ञान में लेकर दो दिवस के अंदर वेतन भुगतान कराने की मांग की है।

संगठन के तहसील अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राजपूत, मुलायम सिंह, राजेश पाठक, गुड्‌डा ठाकुर, देवेंद्र मिश्रा, कृष्ण कुमार तिवारी, डीपी जाटव, प्रीतम गोस्वामी, अभय दीक्षित, राकेश प्यासी, श्याम सुंदर प्यासी, रतन महदेला, राकेश उपाध्याय, निमिराज सिंह सहित सभी ने अतिशीघ्र वेतन भुगतान की मांग की है।

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