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खुलासा:धन के लालच में दो युवकों ने खंडित की थी प्रतिमाएं

लिधौरा8 महीने पहले
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  • पुलिस ने आरोपियों को पकड़कर जेल भेजा, लोगों ने ज्ञापन सौंपकर धरना किया समाप्त
  • लिधौरा के भगतराम मंदिर में प्रतिमा तोड़ने का मामला

नगर के भगतराम मंदिर में 2 जनवरी की रात अज्ञात युवकों द्वारा प्रतिमाएं खंडित कर दी गई थी। जिसको लेकर स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर में धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया था। एक सप्ताह बाद पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़कर पूरे मामले का खुलासा किया है।

वहीं स्थानीय लोगों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अन्य आरोपियों की पकड़ने की मांग करते हुए धरना समाप्त कर दिया है। थाना प्रभारी हिमांशु भिंडिया ने बताया कि थाना लिधौरा में मंदिर पुजारी दिनेश विदुआ ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात आरोपी द्वारा 2 जनवरी की रात भगतराम मंदिर की हनुमानजी और विष्णु भगवान की मूर्ति को खंडित कर दिया। अज्ञात के खिलाफ धारा 295, 153ए, 505 के तहत मामला दर्ज खोजबीन शुरूकर दी थी।

7 जनवरी को मुखबिर की निशादेही सूचना एवं आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर मुख्य आरोपी रामकिशोर पिता रामगोपाल विश्वकर्मा उम्र 30 निवासी कनोरा थाना निवाड़ी हाल निवासी रेंज मोहल्ला लिधौरा एवं यूनिस पिता गफूर खान उम्र 28 वर्ष निवासी रेंज मोहल्ला लिधौरा को पकड़ लिया गया। जिन्होंने अपना जुर्म स्वीकार किया। वहीं शुक्रवार को मंदिर परिसर में धरना देने वाले स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर धरना समाप्त कर दिया। लोगों ने मांग की है कि इस घटना के पीछे और जो भी व्यक्ति है उनको भी 7 दिवस के अंदर गिरफ्तार किया जाए, नहीं फिर से धरना शुरू किया जाएगा। वहीं प्रशासन मूर्ति स्थापना करने की बात कहीं, लेकिन स्थानीय लोगों ने कहा कि स्थापना का मुहूर्त नहीं होने से अभी भगवान की स्थापना नहीं हो सकती है।

आरोपियों से कपड़े, राड व पत्थर एवं अन्य साक्ष्य पुलिस ने जब्त किए
जतारा एसडीओपी योगेंद्र सिंह भदौरिया ने बताया कि मुख्य आरोपी रामकिशोर विश्वकर्मा ने पूछताछ में बताया कि घटना वाले दिन रात करीब 12 बजे अपने साथ यूनिस के साथ गांजा पिया था। गांजा पीते समय मैंने यूनिस से कहा कि भगतराम मंदिर की मूर्तियों कंगुरों पर धन छुपा है जो खोदना है तब अपने घर से एक लोहे की राड लेकर आया। फिर हम दोनों ने धन की लालच में रात में मंदिर के पीछे पहुंचे और यूनिस ने वही से एक पत्थर उठाया फिर हम दोनों पेड़ पर से मंदिर की दालान की छत पर चढ़कर मंदिर के अंदर पहुंचे।

जहां गुम्द तोड़े, लेकिन वहां कुछ न मिलने से किसी की आहट सुनाई दी तो हम दोनों दालान की छत से पेड़ के सहारे नीचे उतर गए। पेड़ की डाली टूट गई थी जल्दबाजी में यूनिस का गमछा मंदिर की छत पर छूट गया था। लोहे की राड रामकिशोर विश्वकर्मा अपने साथ ले गया था। पत्थर यूनिस ने वही पेड़ के पास फेंक दिया। रामकिशोर ने सिंदूर लगे पकड़े व राड घर में छिपाकर रख दिए थे और यूनिस घटना के वक्त से पल्लेदारी की कहकर टीकमगढ़ चला गया था। जो सिंदूर लगे कपड़े, राड व पत्थर एवं अन्य साक्ष्य पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपी अत्याधिक गांजे का सेवन करते थे। जो पैसों की लालच में आकर इस प्रकार का कृत्य किया था। आरोपियों को न्यायालय पेश कर जेल भेजा गया।

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