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बीमार बीएमसी:10 और मौतें : रात 2 बजे जब तक ऑक्सीजन आई 4 ने और तोड़ा दम, परिजन बोले- मौत छुपाने इंजेक्शन मंगवाते रहे डॉक्टर

सागर5 दिन पहलेलेखक: श्रीकांत त्रिपाठी
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बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में दूसरे दिन भी मौतों का सिलसिला जारी रहा। बुधवार शाम से लेकर गुरुवार तक 10 और लोगों ने दम तोड़ा। यानी दो दिन के भीतर बीएमसी में 14 मौतें हुईं। ऑक्सीजन की कमी के चलते बुधवार सुबह तक हुईं 4 मौतों के बाद प्रबंधन ने मौत के आंकड़े छुपाना शुरू कर दिया था। रात करीब 2 बजे जब तक बीएमसी में लिक्विड ऑक्सीजन गैस पहुंची तब तक यहां 4 और लोगों की सांसें थम चुकीं थीं, लेकिन प्रबंधन ने इन्हें वार्ड में ही रखा।

परिजनों से डॉक्टर झूठ बोलते रहे और दवाएं मांगाते रहे। लेकिन किसी भी यह नहीं बताया कि उनका मरीज अब इस दुनिया में नहीं है। देर रात जब इनकी शिफ्टिंग मरचुरी में की गई तब जाकर परिजनों को मौत का पता चल सका। वहीं अगले दिन गुरुवार सुबह 11 बजे से 1.30 बजे तक ढाई घंट में 6 अऩ्य मरीजों ने भी दम तोड़ दिया।

आलम यह था कि बीएमसी के कोरोना वार्ड से एक के बाद एक लाशें मरचुरी तक ढोई जा रही थीं। मृत शरीर घंटों तक मरीजों के बीच पड़े रहे। वहीं बिलखते परिजनों को भी अंतिम संस्कार के लिए निगम की गाड़ी और अपनी बारी का इंतजार करते-करते शाम हो गई। बीएमसी में हुई मौतों के मामले में संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने जिला स्तरीय कमेटी गठित कर डेथ रिव्यू करने के निर्देश दिए हैं। 7 अप्रैल की शाम से 8 अप्रैल की सुबह तक जिन 10 लोगों की मौत हुई है, उनमें 4 कोरोना पॉजिटिव थे, 4 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव निकली, जबकि 2 की सैंपल रिपोर्ट देर शाम तक नहीं आ सकी। इसलिए इन दो मृतकों के शवों को मरचुरी में ही रखा गया। मरने वाले लोगों में 7 सागर के निवासी थे, इनमें से 3 की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। जबकि एक-एक मृतक छतरपुर, पन्ना व दमोह के रहने वाले थे।

मां, हमें माफ कर दो, आपको बचा नहीं पाए- भास्कर परिवार

कोविड वार्ड के फर्श पर तड़प रही महिला को रातभर नहीं मिला इलाज, सांसों की जंग हारी

इस तस्वीर के प्रकाशन के बाद भास्कर को उम्मीद थी कि बीएमसी प्रबंधन व्यवस्था
इस तस्वीर के प्रकाशन के बाद भास्कर को उम्मीद थी कि बीएमसी प्रबंधन व्यवस्था

बीएमसी के कोविड वार्ड की सच्चाई दिखाने के लिए दैनिक भास्कर ने फर्श पर पड़ी जिस महिला का फोटो गुरुवार को प्रकाशित किया था। उनकी गुरुवार दोपहर 1 बजे मौत हो गई। तिली वार्ड निवासी 60 वर्षीय महिला बीएमसी में भर्ती होने के बाद से लगातार तड़प रही थी। लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, लेकिन उपचार के लिए एक भी सीनियर डॉक्टर वार्ड में नहीं पहुंचे। मौत के बाद महिला की जांच रिपोर्ट नेगेटिव निकली है।
दो दिन में बीएमसी में इनकी हुई मौत

  • 8 अप्रैल दोपहर 12.28 बजे- तुलसीनगर वार्ड सागर निवासी 56 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। ये कोरोना पॉजिटिव थे और इन्हें सीवियर निमोनिया की शिकायत थी।
  • 8 अप्रैल दोपहर 12.15 बजे- चंद्रपुर गांव सागर निवासी 60 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। ये कोरोना पॉजिटिव थे और इन्हें सीवियर निमोनिया की शिकायत थी।
  • 8 अप्रैल दोपहर 1.05 बजे- तिली वार्ड निवासी 60 वर्षीय महिला की मौत हुई।
  • इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, हालांकि कोविड जांच रिपोर्ट नेगेटिव निकली।
  • 8 अप्रैल सुबह 11.05 बजे- तिली वार्ड निवासी 42 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, हालांकि टेस्ट रिपोर्ट नेगेटिव थी।
  • 8 अप्रैल सुबह 11.10 बजे- रविशंकर वार्ड भूतेश्वर निवासी 40 वर्षीय पुरुष की। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी, हालांकि इनकी रिपोर्ट प्रतीक्षारत है।
  • 8 अप्रैल दोपहर 12.30 बजे- बक्स्वाहा छतरपुर निवासी 50 वर्षीय महिला की मौत हुई। इन्हें एक दिन पहले रैपिड टेस्ट से पॉजिटिव पाया गया था, लेकिन मौत के बाद इनकी रिपोर्ट नेगेटिव निकली।
  • ऑक्सीजन की कमी से मौत का हंगामा होने के बाद इन मौतों को छुपाता रहा बीएमसी
  • 7 अप्रैल रात 11.55 बजे- पटेरा दमोह निवासी 60 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। ये कोरोना पॉजिटिव थे और इन्हें इन्हें सीवियर निमोनिया की शिकायत थी।
  • 7 अप्रैल शाम 6.54 बजे- फुटेरा कलां सागर निवासी 68 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। इन्हें इन्हें सीवियर निमोनिया की शिकायत थी। कोविड रिपोर्ट प्रतीक्षारत है।
  • 7 अप्रैल शाम 6.41 बजे- राहतगढ़ निवासी 48 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। ये कोरोना पॉजिटिव थे। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी।
  • 7 अप्रैल शाम 4.21 बजे- पन्ना निवासी 50 वर्षीय पुरुष की मौत हुई। ये भी कोरोना पॉजिटिव थे। इन्हें सांस लेने में तकलीफ थी।

शाम 6.41 बजे मेरे भाई ने दम तोड़ा और डॉक्टर मौत को छुपाने के लिए हमसे इंजेक्शन मंगवाते रहे
रे भाई को 1 अप्रैल की शाम सांस लेने में तकलीफ के चलते हमने बीएमसी भर्ती कराया था। जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद डॉक्टरों ने इलाज भी शुरू कर दिया। हमने डॉक्टरों से बाहर ले जाने की बात कही, लेकिन उन्होंने भरोसा दिलाया था कि उनका भाई ठीक हो जाएगा। बुधवार को अचानक मेरे भाई की हालत बिगड़ गई।

देर शाम हमें ऐसा लगा कि स्थिति शायद बहुत नाजुक हो चुकी है। हमने भोपाल ले जाने के लिए वेंटीलेटर वाली एम्बुलेंस तैयार कर ली थी। लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें 5 हजार रुपए के एक इंजेक्शन की जरूरत है। मैंने इंजेक्शन लेकर दिया। जबकि मेरे भाई की मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ऑक्सीजन की कमी के हंगामें से बचने के लिए 4 घंटे तक मौत को छुपाते रहे। रात करीब 11 बजे जब उनका शव मरचुरी में शिफ्ट किया जाने लगा तब हमें मौत के बारे में पता चला। - राहतगढ़ निवासी 48 वर्षीय मृतक के भाई ने बताया बीएमसी प्रबंधन की लापरवाही का सच..

अब निजी अस्पतालों पर भी ऑक्सीजन का संकट

जबलपुर में दिनभर खड़ी रहीं ऑक्सीजन की गाड़ियां, देर रात सिर्फ एक को मिली सागर की परमिशन
बीएमसी में ऑक्सीजन की पूर्ति होने के बाद अब शहर के निजी अस्पतालों पर भी ऑक्सीजन की कमी का संकट गहरा गया है। सागर में चार डीलरों के माध्यम से ऑक्सीजन की सप्लाई जबलपुर और भोपाल से होती है। भोपाल के डीलर ने पहले ही निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन देने से मना कर दिया था। वहीं गुरुवार को जबलपुर प्रशासन ने भी ऑक्सीजन के निर्यात पर रोक लगाई है।

सागर के डीलर्स के अनुसार गुरुवार को जबलपुर के प्लांट पर दिनभर गाड़ियां खड़ी रहीं, लेकिन स्थानीय प्रशासन का कहना था कि पहले जबलपुर की पूर्ति होगी, इसके बाद सागर में सप्लाई की जाएगी। ऐसे में गुरुवार को सागर में ऑक्सीजन की सप्लाई ठप रही।

मामला सागर कलेक्टर दीपक सिंह के संज्ञान में आया तो उन्होंने जबलपुर कलेक्टर से इस संबंध में बात की, जिसके बाद देर रात करीब 150 सिलेंडर की सिर्फ एक गाड़ी ही सागर भेजी गई। जबकि इतनी डिमांड तो केवल एक ही निजी अस्पताल की थी। ऐसे में यदि अन्य निजी अस्पतालों को ऑक्सीजन नहीं मिली तो कोविड के साथ नॉन कोविड अस्पतालों में भर्ती सैकडों गंभीर मरीजों की जान खतरे में पड़ सकती है।

मंत्री बोले- अब लापरवाही हुई तो बर्दाश्त नहीं की जाएगी

बेहद दुखद और दर्दनाक घटना

  • यह बेहद दुखद, दर्दनाक घटना है। जरूरत के मुताबिक लिक्विड ऑक्सीजन जिले में सतत आती रहे यह व्यवस्था की जाएगी। बीएमसी प्रबंधन को भी निर्देशित करूंगा कि मरीजों के लिए सभी प्रकार की व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें। जो भी जरूरत हो, वह एडवांस में बताएं। लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। - गोपाल भार्गव, पीडब्ल्यूडी मंत्री

सभी से एक-एक कर बात करूंगा

  • बीएमसी में मरीजों की मौत की घटना बेहद दुखद है। सभी प्रकार की व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें, ऑक्सीजन सहित किसी भी प्रकार की कोई कमी न रहे इसके लिए मैं शुक्रवार को ही सभी जगह बात करुंगा। सभी प्रकार की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी। - भूपेंद्र सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री
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