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जनता के रुपयों की बर्बादी:1.25 करोड़ का फिश मार्केट गलत प्लानिंग की भेंट चढ़ा, अब एक करोड़ से नया बनाया जाएगा

सागर8 दिन पहले
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  • नेशनल फिशरी डेवलपमेंट बोर्ड से कराई गई थी फंडिंग

तिली के पास स्थित 1.25 करोड़ की लागत से तैयार फिश मार्केट अफसरों की गलत प्लानिंग की भेंट चढ़ गया है। मार्केट में फिलहाल कोई जाने तैयार नहीं है। इसकी वजह से अब नगर निगम शहर के अंदर ही आधुनिक मीट मार्केट बनाने में 1 करोड़ रुपए खर्च करने जा रहा है। जिसके टेंडर होकर वर्क ऑर्डर भी हो चुके हैं। उधर, सवा करोड़ की बिल्डिंग का उपयोग रैमकी कंपनी कर रही है। जिससे अब किराया भी लिया जा रहा है।

बाघराज वार्ड में वर्ष 2011-12 के दौरान बनाए गए फिश मार्केट का मकसद राजघाट व आसपास के तालाबों-पोखरों से लाई जाने वाली फिश के व्यापार को केंद्रीकृत करना था। इसके लिए केंद्र सरकार के नेशनल फिशरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनएफडीबी) ने 1 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत से यह बिल्डिंग बनाने के लिए फंड जारी किया।

उस दौरान मप्र के जबलपुर, सतना, रीवा और अनूपनगर में भी स्वीकृति मिली थी। सागर के इस बिल्डिंग की कास्टिंग 1 करोड़ 11 लाख के करीब थी, जो 1.25 करोड़ रुपए तक पहुंच गई। न तो राजघाट से यहां फिश (मछली) आ पाई और न ही इससे जुड़े अन्य मछुआरे यहां आने के इच्छुक रहे। चर्चा तो यह भी है कि स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत के चलते इस बिल्डिंग में जमकर कमीशनबाजी की गई है।

निगम पुरानी गल्ला मंडी के पास ही बनाएगा मार्केट

पुरानी गल्ला मंडी के पास नगर निगम अब 1 करोड़ की लागत से आधुनिक मीट मार्केट को तैयार करेगा। जमीन के आरक्षित होने की वजह से यहां इस जमीन का उपयोग अन्य प्रोजेक्ट में नहीं हो पा रहा है। हाल में ही खुले मांस के खिलाफ छेड़े गए अभियान के बाद मार्केट की प्लानिंग की गई है। इसके लिए टेंडर हुए भी डेढ़ साल से ज्यादा बीत चुका है। लेकिन अभी तक एक ईंट भी नई लग पाई है।

फिश मार्केट की कहानी

नगर निगम ने इस मार्केट में फिश विक्रेताओं समेत अन्य मीट-मटन विक्रेताओं को भेजने के लिए पांच बार प्रयास किए। लेकिन कोई भी यहां दूरी की वजह से जाने को तैयार नहीं हुआ। विक्रेता इस मार्केट में पहले भी जाना नहीं चाहते थे। फिर भी एनएफडीबी से यहां फंडिंग कराई गई। इसके बाद कई बार तात्कालीन कलेक्टरों और निगमायुक्त ने यहां विक्रेताओं को शिफ्ट कराने की प्लानिंग की लेकिन स्थिति फिर भी जस की तस है। आलम यह है कि नया मार्केट बना नहीं और संजय ड्राइव पर अवैध मछली मार्केट लगना शुरू हो गया।

फिश मार्केट में दूरी के वजह से कोई जाने के लिए तैयार नहीं हुआ। सभी दुकानदार पुराने जगह पर ही मार्केट की मांग कर रहे थे। नगर निगम ने वहां भी टेंडर लगा दिए हैं, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं कर पाए हैं।
-शैलेंद्र जैन, विधायक

बिल्डिंग केवल फिश मार्केट के लिए बनाई गई थी। मीट मार्केट के लिए नहीं थी। इसीलिए नया मार्केट बनाया जा रहा है। बिल्डिंग का आधिपत्य भी मत्सय विभाग के पास है। अगर विभाग फिश मार्केट लगाना चाह रहा है तो बिल्डिंग खाली कर देंगे।
- आरपी अहिरवार, निगमायुक्त

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