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हत्या का खुलासा:गाली देने पर 3 भाइयों ने सोते समय कुल्हाड़ी से काटा था युवक का सिर

सागरएक महीने पहले
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  • सूबेदार वार्ड में हुई थी वारदात, धड़ काे एक दिन घर में छिपाकर रखा

सूबेदार वार्ड के कुएं में मिली सिर कटी लाश इसी वार्ड के कबाड़ बीनने वाले एक युवक की निकली। वह सिरफिरा था। अपनी पत्नी व बच्चाें काे छाेड़कर कुछ समय से यहां एक चबूतरे पर डेरा डाले हुए थे। आए दिन गाली-गलाैज के कारण उसे पास में ही रहने वाले तीन सगे भाइयाें ने मिलकर कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर माैत के घाट उतारा था।

लाेगाें काे यह यकीन नहीं हाे रहा है कि सिर्फ गाली देने पर इतनी क्रूरतापूर्ण तरीके से गला काटकर हत्या की गई और फिर प्लानिंग के साथ धड़ काे बाेरे में रखकर कुएं और सिर काे सैप्टिक टैंक के पास ठिकाने लगा दिया। बहरहाल, माेतीनगर पुलिस ने महज 6 घंटे में एक ऐसे कत्ल का खुलासा किया है, जिसमें न ताे मरने वाले का पता चल पा रहा था और न मारने वालाें का। पुलिस ने तीनाें आराेपियाें काे गिरफ्तार कर उनसे हथियार व सामान जब्त किया है।
जिस अंडरवियर में घूमता था उसी से हुई मृतक की पहचान, दो दिन पहले हुआ था संजय से विवाद

माेतीनगर थाना प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि सिर कटी लाश की पहचान शुक्रवार देर रात कबाड़ बीनने वाले महेश उर्फ लंगडू यादव (40) निवासी सूबेदार वार्ड के रूप में की गई। वार्ड के एक शख्स ने अंडरवियर से उसकी पहचान की। वह यहां एक चबूतरे पर रह रहा था और आए दिन आसपास के लाेगों से झगड़ा करता था। कई बार लाेगाें ने उसे अंडरवियर पर घूमते देखा।

इसी से उसकी पहचान हुई। सूत्राें से पता चला कि दाे दिन पहले वार्ड के ही संजय काेरी से उसका विवाद हुआ था। जब संजय काेरी व उसके भाई अजय काेरी व बादल काेरी से पूछताछ की गई ताे हत्या की वजह सामने आ गई।

तीनाें भाइयाें ने गाली-गलाैज करने पर कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काटने और धड़ व सिर काे अलग-अलग ठिकाने लगाने की बात कबूल कर ली। आराेपियाें की निशानदेही पर शनिवार की सुबह मृतक का सिर क्षेत्र के ही सार्वजनिक शौचालय के सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया।

कटे सिर को उसी रात और धड़ को अगले दिन ठिकाने लगाया
पुलिस के अनुसार मंगलवार की रात महेश का संजय कोरी से विवाद हुआ था। दोनों के बीच गाली गलोज हुई थी। इसके पहले भी कुछ लोगों को गाली दी थी। आए दिन गाली गलौज से तंग आकर संजय ने अपने दोनों भाइयों के साथ मिलकर महेश की हत्या की साजिश रची थी।

मंगलवार -बुधवार की दरम्यानी रात करीब 1:30 बजे मृतक महेश क्षेत्र के मंदिर के चबूतरे पर सो रहा था। तभी मौका मिलते ही कुल्हाड़ी से तीनों भाइयों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। आरोपियों ने मृतक का सिर उसी रात पॉलिथीन में रखकर सेप्टिक टैंक में फेंक दिया और धड़ अपने साथ घर ले गए।

अगले दिन धड़ को पत्थर से बांधा और बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया। माैके पर पहुंचे एडिशनल एसपी सिटी विक्रम सिंह कुशवाहा ने प्रभारी सीएसपी अमित बट्टी व माेतीनगर टीआई सतीश सिंह के नेृतत्व में टीम गठित की थी। इसमें एसआई नेहा गुर्जर, एसआई निशांत भगत, मुकेश, दिनेश, उर्मिल, परम, जयसिंह व गाैरीशंकर व्यास टीम में शामिल थे। एफएसएल अधिकारी राज श्रीवास्तव का भी अहम राेल रहा।

जिस साड़ी में धड़ लपेटकर फेंका, उसका टुकड़ा घर में ही मिला, अन्य सामान भी मिला
पुलिस ने आरोपियों के घर की तलाशी ली तो उस साड़ी का टुकड़ा मिला,जिसमें लपेटकर धड़ को कुएं में फेंका गया था। इसके अलावा पॉलीथिन और नायलोन की रस्सी व पत्थर भी उसी घर का मिला। वारदात के बाद से ही आरोपी अपने घर में ही थे।

आरोपियों ने पहले पुलिस को गुमराह किया। बाद में वारदात कबूल कर ली। रात 8.30 बजे लाश मिलने के बाद पुलिस ने करीब 6 घंटे में अंधेकत्ल की गुत्थी सुलझा ली थी।

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