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  • 32 Patients Of Black Fungus Admitted In BMC, 14 Of Them Have More Than One Surgery, 27 Discharges So Far

ब्लैक फंगस:बीएमसी में ब्लैक फंगस के 32 मरीज भर्ती, इनमें से 14 की एक से अधिक सर्जरी, अब तक 27 डिस्चार्ज

सागरएक महीने पहले
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जिले में ब्लैक फंगस के अब तक 60 से भी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से 32 मरीजों का इलाज अब भी बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में किया गया। जबकि 27 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। बीएमसी में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 60 बेड आरक्षित हैं। यहां मरीजों की सर्जरी से लेकर उनके उपचार तक की सारी व्यवस्थाएं मौजूद हैं।

उपचार की बात करें तो अब तक 49 सर्जरी की जा चुकी है। जिसमें फंगस बढ़ने के कारण 7 मरीजों की आंख भी निकालनी पड़ी। वहीं 14 मरीजों की एक से अधिक बार सर्जरी करना पड़ी। लेकिन अच्छी बात तो यह है कि अब तक एक भी मरीज की मौत नहीं हुई।
एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन की कमी, दूसरे मंगाए
वहीं दवाओं की बात करें तो अब तक बीएमसी में ब्लैक फंगस के मरीजों को लिपोसोमल एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। लेकिन इस एक इंजेक्शन की कीमत करीब 7800 रुपए है। ऐसे में शासन बार-बार इनके स्थान पर सस्ते इंजेक्शन लगाने के प्रयोग कर रहा है।

5 जून को बीएमसी में साधारण एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन लगाने से 33 मरीजों की हालत बिगड़ी थी। वहीं 17 जून को एम्फोटेरेसिन बी लिपिड इंजेक्शन भेजे गए, जिसके कारण 23 मरीजों को रिएक्शन हुआ। ऐसा सिर्फ सागर में ही नहीं बल्कि जबलपुर और इंदौर में भी हुआ। लेकिन इसके बाद भी सस्ते इंजेक्शन का प्रयोग जारी है।

नए इंजेक्शन का रिएक्शन होने के बाद बीएमसी ने वापस लौटाया लॉट
ब्लैक फंगस के इलाज के लिए शासन द्वारा सप्लाई किए गए एम्फोटेरिसिन बी लिपिड के इंजेक्शन बीएमसी प्रबंधन ने वापस कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार बीएमसी में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए बुधवार को 120 एम्फोटेरिसिन बी लिपिड इंजेक्शन का नया लॉट भेजा गया था।

जिसके इस्तेमाल से 22 मरीजों को रिएक्शन की शिकायत हुई। जिसके बाद इंजेक्शन के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। वहीं ईएनटी विभाग के डॉक्टर्स ने लिखकर दिया है कि ये इंजेक्शन मरीजों को नहीं लगाए जा सकते। वहीं देर शाम तक लिपोसोमल एम्फोटेरेसिन-बी इंजेक्शन की सप्लाई न होने के कारण भर्ती मरीजों को इंजेक्शन की जगह टेबलेट खिलाई गई।

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