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17500 एकड़ जमीन होगी सिंचित:नरेन नदी से जुड़ने वाले नालों पर बनाए 372 स्टॉपडेम, 119 गांव की जमीन सिंचित

सागर2 दिन पहले
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  • आसपास लगे खेतों में तालाब, सामुदायिक तालाब, कंटूर ट्रेंच, नाला ट्रेंच आदि के कार्य भी हो रहे

नरेन नदी से जुड़ने वाले जिले के 119 गांवों के छोटे-बड़े नालों पर नदी पुनर्जीवन मिशन के तहत स्टॉपडेम-चेकडेम बनवाए जा रहे हैं। साथ ही नदी से आसपास लगे खेतों में खेत तालाब, गांव में सामुदायिक तालाब, कंटूर ट्रेंच, नाला ट्रेंच आदि के कार्य भी हो रहे हैं। करीब 1700 काम पूरे भी हो चुके हैं। इससे इस साल 7000 हैक्टेयर यानी 17 हजार 500 एकड़ जमीन सिंचित होगी। यह काम होने से करीब 85.92 लाख घन मीटर पानी बरसात के इसी सीजन में रुकेगा। जिससे आसपास का जल स्तर भी बढ़ेगा। इसके साथ ही यह नदी जहां आमतौर पर नवंबर-दिसंबर में ही सूख जाया करती थी। उसमें अब जनवरी- फरवरी तक पानी रहेगा।

आधा काम हुआ पूरा, शेष और होने से 15 हजार हैक्टेयर सिंचित रकबा बढ़ जाएगा
जिला पंचायत सीईओ डॉ. इच्छित गढ़पाले ने बताया नदी के कैचमेंट एरिया में अब तक 800 खेत तालाब बनाए हैं। साथ ही 75 सामुदायिक यानी बड़े तालाब बनाए गए हैं। 31 पुरानी जल संरचनाओं का जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अलावा नाला ट्रेंच, लूज बोल्डर, गली प्लर, कंटूर ट्रेंच, ग्रेवियन जैसे 1700 काम पूरे हो चुके हैं। करीब 1652 काम जारी हैं। नदी पुनर्जीवन मिशन के जिला प्रभारी जय गुप्ता ने बताया जब यह सभी काम बन जाएंगे तो 15 हजार हैक्टेयर जमीन सिंचित हो जाएगी। पानी का फ्लो दो माह और बढ़ जाएगा।

120 किलोमीटर लंबाई, यूपी में जाकर बेतवा में मिलती है
नरेन नदी खुरई से निकलकर राहतगढ़, बीना और मालथौन क्षेत्र के गांवों से होते हुए उत्तरप्रदेश में ललितपुर के पास बेतवा में जाकर मिलती है। नदी की सागर जिले में कुल लंबाई 120 किलोमीटर है। इसके केचमेंट एरिया में 99250 हैक्टेयर जमीन आती है। सागर जिले की 82 ग्राम पंचायतों के जिन 119 गांव से होकर यह नदी गुजरती है वहीं पर नदी पुनर्जीवन मिशन के तहत काम चल रहा है।

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