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5 दिन के आइसोलेशन का डर:50% घट गई सैंपलिंग, लक्षण वाले मरीज भी नहीं करा रहे कोरोना की जांच

सागर2 महीने पहले
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जिला प्रशासन ने तीन दिन पहले एक आदेश जारी कर फीवर क्लीनिक पर कोरोना की जांच के लिए आने वाले लोगों को कोविड केयर सेंटर में 5 दिन तक आइसोलेट रखने का नियम जारी किया है। जिसके बाद से अचानक सैंपल कलेक्शन के आंकडो़ं में कमी आई है।

तीन दिन पहले जहां औसतन 1500 सैंपल प्रतिदिन लिए जा रहे थे। वहीं अब इनकी संख्या घटकर 751 पर पहुंच गई है। जब भास्कर टीम ने करीब 50 फीसदी सैंपलिंग घटने की वजह जानी तो सामने आया कि पहले लक्षण दिखने या संक्रमित के कॉन्टेक्ट में आते ही लोग खुद ही फीवर क्लीनिक पहुंचकर जांच करा रहे थे। लेकिन 5 िदन आइसोलेट होने का नियम आते ही अब लोग सैंपलिंग से बच रहे हैं। नतीजा तीन दिन के भीतर ही सैंपलिंग 1500 से घटकर 751 पर पहुंच गई।

कोरोना की लहर एक तरफ जहां अपने दूसरे पीक पर है। ऐसे में सैंपलिंग का कम होना पॉजिटिव मरीजों के आंकड़े तो कम कर देगी। लेकिन इससे घरों में संक्रमण फैलता रहेगा। लोग समय पर जांच न कराने के कारण सीवियर निमोनिया और फेंफड़ों के गंभीर संक्रमण की स्थिति तक भी पहुंच सकते हैं।

सैंपलिंग को लेकर जब भास्कर टीम ने कुछ लक्षण वाले मरीजों से बात की तो उन्होंने बताया कि वे फीवर क्लीनिक पर जांच कराने के लिए पहुंचे थे। लेकिन वहां डॉक्टर सैंपलिंग के बाद कोविड सेंटर में आइसोलेट करने की बात कहने लगे। ऐसे में लगा कि यदि रिपोर्ट नेगेटिव आई और संक्रमण का शिकार नहीं हुए तो कोविड सेंटर से निकलने के बाद संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा।

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