मरीजों को दिक्कत:जिला अस्पताल में 6 माह से खराब पड़ी एक डायलिसिस मशीन

सागरएक महीने पहले
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जिला अस्पताल में हीमो डायलिसिस मशीन 6 माह से खराब पड़ी है। इसके कारण न सिर्फ यहां डायलिसिस कराने वाले मरीजों की संख्या कम हुई, बल्कि जो मरीज इलाज कराने आते हैं उन्हें भी वेटिंग का सामना करना पड़ता है। मामले को लेकर जिम्मेदार अफसरों का कहना है कि मशीन को सुधरवाने के लिए कंपनी को कई बार सूचना भेजी जा चुकी है, लेकिन उनके पास भी पार्ट्स उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में अब संचालनालय ने जल्द ही नई मशीन देने की बात कही है। जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में किडनी के मरीजों को निशुल्क डायलिसिस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लाखों रुपए की लागत से हीमो डायलिसिस यूनिट की शुरुआत की गई थी।

मरीजों की संख्या को देखते हुए डायलिसिस मशीन एक से बढ़ाकर दो कर दी गईं। लेकिन इसके बावजूद भी मरीजों को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। वजह है यूनिट में मौजूद दो मशीनों में से एक का खराब होना। पिछले 6 माह से एक मशीन खराब पड़ी है। नतीजतन एक ही मशीन से मरीजों की डायलिसिस की जा रही है।

एक मरीज को सप्ताह दो बार चार-चार घंटे की डायलिसिस की जरूरत होती है, ऐसे में सप्ताहभर में सिर्फ 10 मरीजों की ही डायलिसिस हो पाती है। जबकि पहले मरीजों की संख्या लगभग डेढ़ गुना अधिक थी। जिला अस्पताल में हर माह औसतन 65 मरीज डायलिसिस कराने आते हैं, लेकिन मशीन की कमी के चलते उन्हें वेटिंग का सामना करना पड़ता है।

मशीन के पार्ट्स न मिलने के कारण सुधार कार्य नहीं हो रहा है। डॉ. जितेंद्र सराफ, इंचार्ज डायलिसिस यूनिट का कहना है कि हमने संचालनालय से बात की थी, जहां से हमें जल्द ही नई मशीन मिलने का आश्वासन मिला है। हालांकि एक मशीन से भी हम पर्याप्त काम कर रहे हैं, जिन्हें तत्काल डायलिसिस की जरूरत होती है, उन्हें इंतजार नहीं करना पडता।

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