मानसून की विदाई:14 साल में केवल 4 बार ही हुई औसत बारिश, इस साल 31.3 इंच में सिमटा मानसून

सागर2 महीने पहले
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साफ मौसम, तीखी धूप और गर्मी के साथ अब मानसून ने गुरूवार को विदाई ले ली है। 1 जून से 30 सितंबर तक माने जाने वाले मानसून में इस बार आंकड़ा औसत बारिश तक नहीं पहुंच पाया है। मौजूदा साल केवल 31.3 इंच बारिश (795.2 मिमी) ही हो पाई। जबकि मानसून में औसत बारिश का आंकड़ा 44.2 इंच (1124.2 मिमी) है।

यानी 30 सितंबर तक शहर में जितनी बारिश हो जानी थी, उससे 12.9 इंच (329.0 मिमी) कम है। मौसम में हुए अचानक बदलाव के बाद अब तापमान में वृद्धि होने लगी है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक सप्ताह में हल्की बारिश की संभावनाएं बनी हुई है। हालांकि अक्टूबर में अगर बारिश होती है, तो वह मानसून के बाद की ही बारिश मानी जाएगी।

बुधवार को सुबह से तेज धूप ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। बीच-बीच में बादलों छाए और धूप के बीच सूरज की लुका-छिपी चलती रही है। इसके वजह से दिन के तापमान में भी इजाफा हो गया। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री रहा, जो सामान्य रहा। न्यूनतम तापमान 23.0 डिग्री दर्ज किया गया है।

नमी के कम होने से बारिश का असर भी कम हो जाता है

विशेषज्ञों नमी से ही बारिश की स्थिति का पता करते हैं। बीते एक सप्ताह से नमी 80% से अधिक नहीं रही। बुधवार को भी नमी का कम होना संकेत है कि अब बारिश भी रवाना हो गई है।

अल्प बारिश फसलों पर असर

कम बारिश की वजह से इस बार सोयाबीन, उड़द और सब्जियों पर भी असर पड़ा है। पीला मैजिक रोग से भी फसल प्रभावित हुए हैं। फिलहाल अभी कटाई का समय चल रहा है। किसानों की माने तो पानी न गिरने से इस बार उपज ठीक नहीं रही और कटाई हुई तो बारिश हो गई।

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