पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • BJP Always Falls Behind In Rahatgarh, Independents Keep 10% Vote Share, But Only 1.4% In Last Election

महा उपचुनाव:राहतगढ़ में हमेशा पिछड़ जाती है भाजपा, निर्दलीय 10% वोट में सेंध लगाने का रखते हैं दम, लेकिन पिछले चुनाव में 1.4% ही ले पाए

सागर8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

(श्रीकांत त्रिपाठी)
सुरखी उपचुनाव की घोषणा के साथ एक तरफ जहां भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी अपने जनसंपर्क में जुट गए हैं।
वहीं दूसरी तरफ जातियों और निर्दलीय प्रत्याशियों के गणित भी लगाए जा रहे हैं। क्षेत्र में कांग्रेस को बसपा प्रत्याशी से वोट कटने का डर रहता है तो जाति के गणित में भाजपा राहतगढ़ क्षेत्र से हमेशा ही पिछड़ जाती है। 2018 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो गोविंद सिंह के नाम से डमी प्रत्याशी भी उतारे गए थे। हालांकि पिछली बार चुनाव मैदान में भाजपा और कांग्रेस के अलावा उतरे 11 अन्य प्रत्याशियों को कुल 2137 वोट ही मिले थे। लेकिन 2013 और 2008 के चुनावों में 8 से 10 फीसदी तक वोट लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों ने चुनावी गणित बिगाड़ा है।

निर्दलीय को ज्यादा वोट मिले तो बिगड़ सकता है खेल

2013 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो भाजपा और कांग्रेस के बीच 141 वोटों का अंतर था और भाजपा प्रत्याशी पारुल साहू ने जीत हासिल की थी। इस चुनाव में सुरखी से 6 निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे। जिन्होंने 9788 वोटों में सेंध लगाई थी। यहीं जबकि 2008 में केवल 4 निर्दलीय प्रत्याशी ही लड़े और 3904 वोट ही हासिल कर पाए। इस चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी गोविंद सिंह राजपूत की जीत हुई थी। यानी जब-जब निर्दलीय प्रत्याशियों ने ज्यादा वोट हासिल की हैं, खतरा कांग्रेस को ही बढ़ा है।
पिछले तीन चुनावों का लेखा-जोखा
वर्ष कुल मतदाता निर्दलीय निर्दलीय प्रत्याशियों जीत-हार जीत
प्रत्याशी को मिले वोट अंतर
2008 147596 4 3904 12368 कांग्रेस
2013 184527 6 9788 141 भाजपा
2018 192773 11 2137 21418 कांग्रेस

खबरें और भी हैं...