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हालात बेकाबू:बीएमसी का खौफ15 दिन में 50 मौत, प्राइवेट अस्पताल भाग रहे कोरोना मरीज

सागर3 दिन पहले
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फाइल फोटो
  • बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मरीजों के इलाज में हो रही लापरवाही

(देवेंद्र नामदेव) सितंबर माह की शुरुआत से ही बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के कोविड-19 अस्पताल में शुरू हुआ पॉजिटिव और संदिग्ध मरीजों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में घबराहट पैदा हो गई है।
यही वजह है कि रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीजों को उनके परिजन या तो होम क्वॉरेंटाइन करा रहे हैं या फिर प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती करा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में सितंबर के 15 दिनों के दौरान
50 संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों की मौत हो चुकी है। 8 सितंबर से लेकर अब तक 61 से ज्यादा मरीज या तो होम क्वॉरेंटाइन या फिर प्राइवेट अस्पतालों में शिफ्ट हो चुके हैं। इनमें कई मरीज ऐसे हैं, जो पहले ही बीएमसी में भर्ती अपने परिवार के किसी सदस्य को खो चुके हैं। ऐसे परिवारों के लोगों ने दैनिक भास्कर से अपनी समस्या साझा की।

आपबीती: आंखों के सामने पिता ने दम तोड़ा

  • मकरोनिया निवासी 20 वर्षीय युवक ने बताया कि 8 सितंबर को उसके पिता की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद उन्हें बीएमसी में भर्ती कराया गया था। लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के कारण 10 सितंबर को पिता का देहांत हो गया। अब मेरे परिवार में चाचा सहित 6 लोग पॉजिटिव मरीज हैं।
  • गोपालगंज निवासी 54 वर्षीय मरीज के अनुसार बीएमसी बढ़ा रही मौतों के कारण इलाज का स्तर समझ में आ गया है। वहां इलाज कराने के बजाय मैंने निजी अस्पताल में इलाज कराना उचित समझा है। जबलपुर रोड स्थित एक निजी अस्पताल में मैं अपना इलाज करा रहा हूं।
  • बाहुबली कॉलोनी निवासी 32 वर्षीय युवक ने बताया कि उसके 63 वर्षीय पिता की तबीयत पिछले दिनों खराब हुई थी। उन्हें 11 सितंबर की शाम को बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। 12 सितंबर को उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इससे पहले ही उनका देहांत हो गया।
  • गुलाब कॉलोनी निवासी 63 वर्षीय मरीज को उनके परिजन भोपाल के एक निजी अस्पताल में इलाज कराने के लिए ले गए हैं। दरअसल उनकी तबीयत करीब 4 दिन पहले खराब हुई थी। इसके बाद ही परिजन उन्हें भोपाल ले गए थे। कोरोना की जांच कराई गई। 13 सितंबर को रिपोर्ट पॉजिटिव आई।

जल्द ही स्टाफ की कमी पूरी करेंगे
यह बहुत ही चिंताजनक है। मरीजों को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें इस दिशा में काम किया जा रहा है। जल्द ही हम स्टाफ की कमी दूर कर लेंगे। मैंने कल ही ड्यूटी रोस्टर बदला है। इससे सेवाओं में सुधार आएगा। मरीजों का भरोसा बना रहेगा।
- डॉ. जीएस पटेल , डीन बीएमसी

ज्ञानोदय कोविड केयर सेंटर में भी भर्ती होंगे बिना लक्षण वाले पॉजिटिव मरीज

कोरोना पॉजिटिव मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और बीएमसी में सभी वार्ड फुल होने के बाद जिला प्रशासन ने ज्ञानोदय कोरोना केयर सेंटर में भी पॉजिटिव मरीजों को भर्ती करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कलेक्टर दीपक सिंह ने ज्ञानोदय कॉलेज का जायजा लिया और यहां 200 बिस्तर कोविड पॉजिटिव मरीजों को आरक्षित रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा बीड़ी अस्पताल में पहले से ही मरीजों को भर्ती करने का सिलसिला जारी है। कोरोना केयर सेंटरों में केवल बिना लक्षण मरीजों को आइसोलेट किया जाएगा। वहीं फर्स्ट कॉन्टेक्ट में आने वाले लोगों को एसवीएन कॉलेज में रखने की व्यवस्था की गई है।

सागर में अब तक 774 कंटेनमेंट जोन बने, इनमें से 259 अब भी एक्टिव

जिले में अब तक 1752 कोरोना पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं। इनके लिए जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा 774 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। इनमें से 259 जोन अब भी एक्टिव हैं। सागर शहर में एक्टिव कंटेनमेंट जोन की संख्या 186 है। इतनी बड़ी संख्या में कंटेनमेंट जोन बनने के कारण अब प्रशासन के पास बैरिकेट्स कम पड़ने लगे हैं।

स्थिति यह है कि दो से तीन दिन भीतर रिजर्व बैरिकेट्स भी खत्म हो जाएंगे। ऐसे में अफसरों ने कोविड पोस्टर चस्पा कर कंटेनमेंट जोन बनाने का फैसला लिया है। अफसरों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या के हिसाब से अब उनके पास पुलिस और बैरिकेट समेत अन्य सभी व्यवस्थाओं की कमी पड़ने लगी है।

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