• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Sagar
  • Cattle Camp On Roads, Out Of 198 Acres Marked For Dairy Displacement, 18 Acres Left, Project Delayed By Two Months

प्रशासन की लेटलतीफी:सड़कों पर मवेशियों का डेरा, डेयरी विस्थापन के लिए चिह्नित 198 एकड़ जमीन में से 18 एकड़ जमीन छूटी, प्रोजेक्ट दो महीने और लेट

सागरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
सालों से चल रही कवायद फिर भी शहर के बाहर डेयरियां शिफ्ट नहीं करा पा रहा प्रशासन। - Dainik Bhaskar
सालों से चल रही कवायद फिर भी शहर के बाहर डेयरियां शिफ्ट नहीं करा पा रहा प्रशासन।

12 साल से अटके डेयरी विस्थापन प्रोजेक्ट को लेकर टेंडर प्रक्रिया के बाद भी प्रोजेक्ट फिर से उलझ गया है। प्रोजेक्ट को लेकर दिखाई गई जल्दबाजी में अधिकारियों को नए सिरे से कार्रवाई करना पड़ रहा है। दरअसल, प्रोजेक्ट में जिन 4 गांव हफसिली, रतौना, सिलेरा और बम्होरी रेंगुवा की 198 एकड़ जमीन चिह्नित की गई थी, उसमें से 18 हेक्टेयर रतौना की जमीन का एक खसरा नगर निगम के लिए हस्तांतरित नहीं हो सका।

जिसके लिए फिर से कार्रवाई करते हुए फाइल भोपाल तक भेजी गई। जहां से एनओसी हाल में ही मिली है। इसके कारण प्रोजेक्ट जिसका काम दिसंबर से शुरू होना था, वह दो महीने और लेट हो गया है। शहर की 377 डेयरियों के विस्थापन रतौना पशु प्रजनन प्रक्षेत्र में किया जाना है।

198 एकड़ जमीन पर लगने वाले इस प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने जुलाई महीने से ही टेंडर कर दिया था, लेकिन जब तक टेंडर खुलता कि तभी भोपाल से रतौना की जमीन को लेकर आपत्ति लगा दी कि यह जमीन मप्र कुरकुट पालन विकास निगम के अधीन है। इसके लिए खसरे को नए सिरे से दुरुस्त करने की प्रक्रिया की गई।

वहीं एनओसी जारी नहीं होने से टेंडर ओपन होने की प्रक्रिया अटक गई। 18 एकड़ जमीन की इस टुकड़े को लेकर भोपाल स्तर पर चिट्ठियां चलने के बाद आखिरकार 2 नंवबर को जमीन की एनओसी मिल गई है। वहीं जमीन निगम को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

7 महीने से चल रही प्रक्रिया

  • मई- डेयरियों के विस्थापन को लेकर नगरीय प्रशासन मंत्री ने प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कहा।
  • जून- डेयरियों के विस्थापन को लेकर जमीन के हस्तांतरण करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
  • जुलाई- जुलाई डीपीआर तैयार करते हुए नगर निगम ने टेंडर प्रक्रिया की।
  • अगस्त- जमीन को लेकर सीमांकन व मूलभूत सुविधाओं के जुटाने के लिए निरीक्षण किया गया।
  • सितंबर- लेट आउट की प्लानिंग की गई, पहले चरण के लिए 414 प्लाटों आरक्षित किए गए।
  • अक्टूबर- जमीन आरक्षित करने को लेकर आपत्ति लगाई थी, इसके बाद नए सिरे से कार्रवाई करना।
  • नंवबर- नवंबर महीने जमीन की एनओसी भोपाल से मिल गई है। अब निगम को हैंडओवर होगी।

इसलिए लेट होगा प्रोजेक्ट

जिला प्रशासन ने नगर निगम को जमीन हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नए सिरे से कार्रवाई करने के चलते इस प्रोजेक्ट में टेंडर प्रक्रिया तो ओपन हो जाएगी, लेकिन नए सिरे से कार्रवाई के लिए 2 महीने का वक्त और लगेगा।

जल्द शुरू की जाएगी प्रक्रिया

जमीन को लेकर आपत्ति आने के बाद तुरंत ही उसके निराकरण की कार्रवाई कर ली गई थी। भोपाल से भी अनुमति मिल चुकी है। जमीन जैसे ही हैंडओवर होगी, आगे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी।
-आरपी अहिरवार, नगर निगम आयुक्त

खबरें और भी हैं...