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  • Congress Expressed Opposition To The Government's Preparation To Release 400 Rapists On Parole, Kamal Nath Said The Government Should Immediately Stop This Decision

कांग्रेस का विरोध:पैरोल पर 400 दुष्कर्मियों को छोड़ने की सरकार की तैयारी पर कांग्रेस ने जताया विरोध, कमलनाथ बोले-इस निर्णय पर सरकार तत्काल रोक लगाए

सागरएक महीने पहले
ट्वीट पर लिखा।

प्रदेश की जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 400 दुष्कर्मियों को कोरोना महामारी में पैरोल पर रिहा करने की तैयारी की जा रही है। जेल मुख्यालय ने सभी जेलों को इस संबंध में पत्र लिखा है। मामला सामने आते ही कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णय का विरोध जताया है।

मामले में पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ ने ट‌्वीट करते हुए लिखा कि यह जानकारी सामने आई है कि प्रदेश में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 400 के करीब दुष्कर्मियों को शिवराज सरकार कोरोना के नाम पर पैरोल पर छोड़ने की तैयारी कर रही है। इसमें से 100 के करीब तो मासूम बच्चियों से दुष्कर्म के दोषी है? यह फैसला बेहद निंदनीय है।

पूर्व सीएम कमलनाथ का ट‌्वीट।
पूर्व सीएम कमलनाथ का ट‌्वीट।

जब प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर तकरीबन समाप्ति की कगार पर है तो ऐेसे में इस निर्णय पर कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं? प्रदेश पहले से ही दुष्कर्म के मामलों में देश के शीर्ष राज्यों में शामिल है और इस निर्णय से पीड़ित परिवारों में अंसतोष है। सरकार तत्काल इस निर्णय पर रोक लगाए।

उधर, कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने कहा कि मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आया है कि मप्र में उन कैदियों को पैरोल पर रिहा किया जा रहा है। जिनके खिलाफ दुष्कर्म के मामले दर्ज है, जबकि मप्र महिला अपराध व दुष्कर्मों के मामलों में देश में अव्वल है। यह रिकॉर्ड पर है। ऐसे में सरकार दुष्कर्मियों को छोड़ने की तैयारी कर रही है। यह सरासर गलत है, ज्यादती है। समाज के साथ ज्यादती है। मैं सरकार से कहना चाहता हूं सरकार ऐसे बलात्कारियों को कभी न छोड़े। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

शिवराज जी आपका चरित्र ही समझ से परे है
कांग्रेस नेता अरुण यादव ने ट्वीट पर लिखा कि शिवराज जी आपका चरित्र ही समझ से परे है, आखिरकार आप चाहते क्या हैं-एक तरफ आप कांग्रेसके सहयोग के बाद वर्ष-2011 में बलात्कारियों के खिलाफ फांसी का अध्यादेश लाए (फांसी हुई कितनों को) दूसरी तरफ अब आपकी सरकार उम्रकैद काट रहे दुष्कर्मियों को पैरोल पर छोडऩे की पैरोकार हो गई? किस हद तक, कितना गिरेंगे आप? यही तो अंतर है मामा और कंस में?

पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने लिखा।
पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने लिखा।
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