दीवारों के बीच थर्माकोल लगाया:गर्मी में ठंडे रहते हैं मकान, शहर के इंजीनियर राजेश मिश्रा ने 4 साल पहले किया था नवाचार

सागर9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • लगातार आ रहे सकारात्मक परिणाम

मकान को बनाने की बात हो तो नींव से लेकर चारदीवारी खड़ी होने में ईंट का होना अनिवार्य ही माना जाता रहा है। परंतु सागर में बिना ईंट के बनी बिल्डिंगों ने न सिर्फ इस परंपरा को बदला, बल्कि उसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। जिनमें से एक प्रमुख है गर्मी के दौरान घर के बाहर और अंदर के तापमान में दूसरी मंजिल पर भी 5.6 डिग्री तक की कमी का होना। स्थिति जानने के लिए दो अलग अलग दिनों में तापमान मापा गया। रविवार को जब शहर में तापमान 33.8 था, तब इस मकान की दूसरी मंजिल पर अंदर का तापमान 28.3 था।

यह प्रयोग 4 साल पहले शहर के इंजीनियर राजेश मिश्रा ने किया था। दो साल तक वे इस पर काम करते रहे और बाद में इसे सबके सामने लाए और सकारात्मक असर हुए हैं उसे बता रहे हैं। वे अब कई मकान इसी तकनीक से बना चुके हैं। उनका दावा है गर्मी में यह अंदर और बाहर के तापमान में 7 डिग्री तक का अंतर रहता है। अब थर्माकोल की जगह थर्मोबोर्ड का उपयोग होने लगा है। जिला पंचायत के तकनीकी विशेषज्ञ जय गुप्ता ने बताया कि कैमिकल थर्माकोल का प्रयोग तापमान को कम करता है।

इस तरह से होता है इस विधि में काम
निर्माण कार्य के दौरान आम तौर पर कॉलम के बीच में जो ब्रिक्स का काम होता था, उसे आरसीसी में बदला गया है। दीवार में 9 इंच तक ईंट लगाने की जगह 4 इंच की आरसीसी की ढलाई कर दी जाती है। इसमें ईंट कहीं भी नहीं लगती, नीचे से लेकर ऊपर तक लोहा बांधते हैं और जिस तरह छत की ढलाई की जाती है, ठीक वैसे ही दीवार की ढलाई कर दी जाती है। इसमें अलग से प्लास्टर की जरूरत नहीं होती, जैसी कि ईंट की दीवार खड़ी करने के बाद करना पड़ती है।

यह हैं फायदे

  • कम जगह में बनते हैं भवन,पर्यावरण संरक्षण के साथ ही पानी की भी बचत होती है।
  • बिना ईंट की दीवार और बिल्डिंग बनाई जा सकती है।
  • गर्मी पर नियंत्रण, सीलन से भी मुक्ति मिलती है।
  • थर्मल इंसुलेशन पेंट करने और वाटर प्रूफिंग अच्छी होने से न सिर्फ मकान में गर्मी पर नियंत्रण होता है, बल्कि बिल्डिंग में सीलन की समस्या से भी निजात मिलती है।

इस विधि से रोक सकते हैं गर्मी की चुभन को

इंजीनियर राजेश मिश्रा ने बताया कि आरसीसी दीवार के बीच में थर्माकोल सीट या थर्मोबोर्ड का उपयोग करके दीवाल की आंतरिक सतह पर प्लास्टर ऑफ पेरिस से रनिंग करने एवं छत पर तापमान रोधी केमिकल को मिलाने से बढ़ते तापमान पर नियंत्रण संभव हुआ है। इसी प्रकार छत पर बनाए जाने वाले ओवरहेड टैंक गर्मियों में दोपहर के समय नलों से गर्म पानी देते हैं। इस प्रकार हम तापमान को बढ़ने से तो नहीं पर गर्मी की चुभन को रोक सकते हैं।

खबरें और भी हैं...