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  • It Is Amazing... The Teacher Who Is Not Only Posted In The School, He Also Got Transferred, Relieving And Joining On The Portal.

तबादला नीति:गजब है... जो शिक्षक स्कूल में पदस्थ ही नहीं, उसका भी ट्रांसफर, पोर्टल पर रिलीविंग और ज्वाइनिंग तक हो गई

सागर22 दिन पहले
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  • भास्कर की खबर के बाद रोज 50 से ज्यादा शिक्षक बता रहे शिक्षा ‌विभाग की गड़बड़ी

स्कूल शिक्षा विभाग में हुए तबादलों की गड़बड़ी में बड़ा फर्जीवाडा सामने आया है। जिसमें प्राइमरी स्कूल के एक शिक्षक का तबादला हुआ है, लेकिन यह शिक्षक स्कूल में पदस्थ ही नहीं है। इतना ही नहीं प्राचार्य की अनुमति के बगैर ऑनलाइन पोर्टल पर शिक्षक की रिलीविंग और ज्वाइनिंग भी हो गई। जबकि लॉगिन आईडी और पासवार्ड के बगैर यह संभव ही नहीं होता। मामले का खुलासा लोक शिक्षण विभाग के संयुक्त संचालक और जिला शिक्षा अधिकारी को दी गई शिकायत से हुआ है। जिसमें उचित कार्रवाई और जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार दैनिक भास्कर द्वारा पिछले चार दिन से तबादला सूची में हुई गड़बड़ियों का मामला उजागर किया जा रहा है। इसी दौरान एक शिकायत पत्र सामने आया जिसमें एक शिक्षक के पदस्थापना न होने के बावजूद भी उसका ट्रांसफर कर दिया गया। मामला प्राथमिक शिक्षक प्रदीप कुमार आठिया का है। जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश में प्राथमिक शाला ढोंगा बम्हौरी से शासकीय प्राथमिक शाला मुढ़िया ट्रांसफर किया गया। इतना ही नहीं ट्रांसफर के बाद स्कूल से शिक्षक की रिलीविंग और नए स्कूल में ज्वाइनिंग भी ऑनलाइन हो गई।

जबकि नियमानुसार संकुल प्राचार्य द्वारा लॉगिन आईडी से रिलीविंग दी जाती है और नई पदस्थापना के लिए रिलीविंग की हार्ड कॉपी भी संकुल प्राचार्य द्वारा दी जाती है। इसके बाद ही शिक्षक को ज्वाइनिंग मिलती है। लेकिन हैरानी की बात तो यह है कि संकुल प्राचार्य के हस्ताक्षेप के बिना ही शिक्षक की पोर्टल पर ऑनलाइन रिलीविंग और ज्वाइनिंग दिख रही है।

मामले में प्राथमिक शाला ढोंगा बम्हौरी के प्रधानाध्यापक ऋषिकांत दुबे ने बताया कि स्कूल में उनके अलावा प्राथमिक शिक्षक संगीता यादव कार्यरत हैं। प्रदीप आठिया नाम से कोई भी शिक्षक स्कूल में पदस्थ या कार्यरत नहीं है। इस संबंध में मैंने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी भी उपलब्ध करा दी है। वहीं मामला सामने आने के बाद एक तरफ जहां विभाग में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं तबादला सूची पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
मैं मामले की जांच करूंगा
स्कूल में शिक्षक पदस्थ न होने के बाद भी ट्रांसफर होने का मामला गंभीर है। मैं इसकी जांच कराता हूं। वहीं जिन स्कूलों में पद नहीं है और ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें संकुलों में ज्वाइन कराकर मामला भोपाल स्तर पर भेजा जाएगा। इसके बाद संचालनालय से जो निर्देश मिलेंगे उनका पालन होगा। - अजब सिंह ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी सागर

110 विद्यार्थियों के मिडिल स्कूल में 4 की जगह 11 शिक्षक

शासकीय माध्यमिक कन्या तिलक वार्ड देवरी स्कूल में 110 छात्राओं पर पहले से ही 10 शिक्षक पदस्थ थे। स्थानांतरण के दौरान यहां शिक्षकों की संख्या कम करने की जगह एक और शिक्षक बढ़ा दिया गया। स्कूल में शासकीय माध्यमिक शाला बिछुआ से माध्यमिक शिक्षक मालती कुर्मी का ट्रांसफर शासकीय माध्यमिक कन्या तिलक वार्ड देवरी किया गया है। यानी अब 110 विद्यार्थियों को 11 शिक्षक मिलकर पढ़ाएंगे।

यह भी मिली गड़बड़ियां

  • एक शिक्षकीय प्राथमिक शाला कानीखेड़ा खुर्द में प्राइमरी शिक्षक हरीशचंद्र दांगी पदस्थ थे। जिन्हें मिडिल स्कूल चैनपुरा भेजकर कानीखेड़ा खुर्द स्कूल को शिक्षकविहीन कर दिया।
  • गणित के शिक्षक राजेश कुमार जैन को शासकीय माध्यमिक शाला रतौना ट्रांसफर किया गया है, लेकिन यहां गणित का पद खाली ही नहीं है।
  • प्रयोगशाला विज्ञान सहायक कविता चौबे शासकीय हाई स्कूल जेरई में पदस्थ थीं, इन्हें मुआर टोला स्कूल में प्राथमिक शिक्षक के पद पर भेजा गया है। जबकि प्राइमरी स्कूल में प्रयोगशाला सहायक का पद ही नहीं होता।
  • माध्यमिक शिक्षक हरीकृष्ण चौबे को हाई स्कूल चिरचिता सुखजू से माध्यमकि शाला झुनकग्राम भेजा है, जहां पद ही रिक्त नहीं हैं।
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