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मकर संक्रांति के बाद शुरू होंगे विवाह:मलमास कल से होंगे शुरू, 14 जनवरी तक एक महीने के लिए मांगलिक कार्य पर विराम

सागरएक महीने पहले
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पहला मुहूर्त 22 जनवरी से रहेगा। - Dainik Bhaskar
पहला मुहूर्त 22 जनवरी से रहेगा।

साल 2021 में अब मांगलिक कार्यों, विवाह थम जाएंगे। दरअसल, 16 दिसंबर से मलमास लगने के चलते मांगलिक कार्य करीब एक माह के लिए प्रतिबंधित हो जाएंगे। इसके बाद नए साल में 22 जनवरी को पहला मुहूर्त मिलेगा। ज्योतिषाचार्य रामगोविंद शास्त्री ने कहा कि साल के आखिरी मुहूर्त मार्ग शीर्ष मास में पड़ रहे हैं।

धार्मिक दृष्टिकोण से इस मास को अत्यंत शुभ माना गया है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी इसे अपना सबसे प्रिय महीना बताया है। 16 दिसंबर को धनु संक्रांति के चलते मलमास लग जाएगा, जो मकर संक्रांति यानी अगले साल 14 जनवरी तक रहेगा। फिर पहला मुहूर्त 22 जनवरी को पड़ रहा है। वहीं, मार्ग शीर्ष महीना 19 दिसंबर तक चलेगा।

इसी पवित्र माह में भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को दिया था गीता का उपदेश, मार्ग शीर्ष हिंदू वर्ष का 9वां महीना है

मार्गशीर्ष मास भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है। भक्तवत्सल भगवान ने स्वयं अपनी वाणी से कहा है कि मार्गशीर्ष मास स्वयं मेरा ही स्वरूप है। इस पवित्र माह में तीर्थाटन और नदी स्नान से पापों का नाश होने के साथ मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। मार्गशीर्ष की शुक्ल पक्ष की एकादशी को भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में धनुर्धारी अर्जुन को गीता का उपदेश सुनाया था।

इस माह में गीता का दान भी शुभ माना जाता है। गीता के एक श्लोक में भगवान श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष मास की महिमा भी बताई गई है। मार्ग शीर्ष हिंदू वर्ष का 9वां महीना है। प्रत्येक चंद्रमास का नाम उसके नक्षत्र के आधार पर रखा जाता है। मार्गशीर्ष माह में मृगशिरा नक्षत्र होता है इसलिए इसे मार्गशीर्ष कहा जाता है। आम बोलचाल की भाषा में इसे अगहन मास के नाम से भी जाना जाता है। इस माह में भगवान कृष्ण की उपासना करने का विशेष महत्व माना गया है।

अब नए साल में इन तारीखों में हैं विवाह मुहूर्त

  • जनवरी- 22 और 23 तारीख।
  • फरवरी- 5, 6, 10, 18 तारीख।
  • इसके बाद नए 2 अप्रैल 2022 से शुरू होने वाले नव संवत्सर 2079 में विवाह मुहूर्त मिलेंगे।

अगहन शुक्ल पक्ष के तीज-त्योहार

  • 4 दिसंबर इस दिन मोक्षदा एकादशी रही। घरों में पूजा-व्रत के साथ श्रीकृष्ण और भगवान विष्णु की विशेष पूजा अर्चना की गई।
  • 16 दिसंबर इस दिन सूर्य धनु राशि में प्रवेश करेगा। इसे धनु संक्रांति कहा जाता है। खरमास शुरू हो जाएगा। सूर्य के धनु राशि में आने से खरमास शुरू होता है, जो कि 14 जनवरी तक रहेगा।
  • 18 दिसंबर इस दिन दत्तात्रेय जयंती है। इस तिथि पर ऋषि अत्रि और सति अनुसुइया के पुत्र दत्तात्रेय का जन्म हुआ था। त्रिदेवों का अंश होने से शैव और वैष्णव दोनों ही भगवान दत्तात्रेय की पूजा करते हैं।
  • 19 दिसंबर मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि है। ये इस हिंदी महीने का आखिरी दिन रहेगा। अगहन महीने के इस पूर्णिमा पर्व पर स्नान-दान और पूजा-पाठ करने की परंपरा है।
  • 20 दिसंबर इस दिन से हिंदी कैलेंडर का दसवां महीना यानी पौष मास शुरू हो जाएगा। इस महीने में भगवान सूर्य की विशेष पूजा करने की परंपरा है। ग्रंथों के मुताबिक पौष महीने में किए गए स्नान-दान का कई गुना पुण्य फल मिलता है।
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