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गिद्धाें की संख्या कम:खुरई के जगदीशपुरा गांव में एक पेड़ पर रोज बैठते हैं 50 से ज्यादा गिद्द

सागर9 दिन पहले
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तीन दशकाें में देश में गिद्धाें की संख्या कम हुई है। मप्र में 7 प्रजाति के गिद्ध पाए जाते हैं, लेकिन अब यह मुश्किल से दिखाई पड़ते हैं। गिद्धाें के संरक्षण के लिए काम हाे रहा है, गिद्धाें की माैत जानवराें काे दी जाने वाली डायक्लाेफेनिक दवा के कारण हाेना पाया गया है।

भारतीय गिद्धाें की प्रजाति चट्टानाें के बीच पाई जाती है, इनकी संख्या अब कम ही दिखती है, लेकिन अभी भी खुरई में बायपास के पास स्थित पत्थराें की खदानाें वाले जगदीशपुरा गांव में हरे-भरे पेड़ पर भारतीय गिद्धाें के झुंड नजर आते हैं। यहां पत्थर की खदान खुद जाने के बाद भी कई वर्षाें से पेड़ हरा-भरा खड़ा हुआ है।

जिस पर गिद्धों का डेरा रहता है, यहां 50 से भी ज्यादा संख्या में गिद्ध झुंड के रूप में बैठे रहते हैं। यह अपना शिकार तलाश लेते हैं, उसके बाद पेड़ पर आकर बैठ जाते हैं। पेड़ की शाखाओं पर िगद्ध बैठे नजर आते हैं मानाें पूरा पेड़ ही गिद्धाें वाला पेड़ हाे।

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