कोरोना काल में सागर को मिली वायरोलॉजी लैब की सौगात:अब रोज 3500 RT-PCR सैंपल की हो सकेगी जांच, 24 घंटे से पहले मिलेगी रिपोर्ट

सागर12 दिन पहले
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आधुनिक लैब की जानकारी लेते संभागायुक्त शुक्ला। - Dainik Bhaskar
आधुनिक लैब की जानकारी लेते संभागायुक्त शुक्ला।

कोरोना के बढ़ते केसों को देखते हुए जल्द सेंपलिंग, टेस्टिंग और रिजल्ट को ध्यान रखकर बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में वायरोलॉजी लैब तैयार की गई है। 2.5 करोड़ की लागत से बनी अत्याधुनिक वायरोलॉजी लैब में अब कोरोना वायरस के साथ स्वाइन फ्लू और इनफ्लुएंजा आदि की जांच हो सकेगी।

साथ ही 3500 आरटी-पीसीआर सेंपल की जांच प्रतिदिन होगी। वर्तमान में लैब में अभी रोजाना 2000 से 2500 आरटी पीसीआर की जांच हो रही थी। लेकिन नई लैब शुरू होने के बाद अब 3000 से 3500 आरटीपीसीआर सेंपल की जांच हो सकेगी। जिससे पूरे संभाग के कोरोना के मरीजों को उचित इलाज के लिए समय पर रिपोर्ट मिल सकेगी।

लैब में रखी मशीनें देखते हुए विधायक व अधिकारी।
लैब में रखी मशीनें देखते हुए विधायक व अधिकारी।

लैब में ऑटोमेटेड आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन लगाई
आधुनिक उपकरणों और तकनीकी से लैस वायरोलॉजी लैब बायोसेफ्टी लेवल- दो के तहत उच्च मानकों पर कार्य करेगी। लैब का सेटअप इस प्रकार से तैयार किया गया है कि लैब के भीतर की हवा हेपा फिल्टर के जरिए फिल्टर होकर न्यूट्रल एयर के रूप में बाहरी वातावरण से मिलेगी। ताकि बाहरी वातावरण को किसी भी प्रकार से प्रदूषित या संक्रमित न करे।

इसके साथ ही लैब में छह रियल टाइम पीसीआर और फुली ऑटोमेटेड आरएनए एक्सट्रैक्शन मशीन भी लगाई गई है। यह अत्याधुनिक लैब मध्यम से उच्च जोखिम वाले वायरस का पता लगाने में सक्षम है। नई वायरोलॉजी लैब से बीएमसी में सेंपल टेस्टिंग की क्षमता बढ़ी है।
टेस्ट रिपोर्ट आने तक संदिग्ध को आइसोलेशन में रखा जाए
बीएमसी की नई वायरोलॉजी लैब के उद्घाटन के दौरान सागर संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने कहा कि हमें विपरीत परिस्थितियों में अधिक दक्षता से परिणाम मूलक कार्य करते हुए कोरोना की तीसरी लहर का सामना करना होगा। वायरोलॉजी लैब के माध्यम से रिसर्च, टेस्टिंग और कैपेसिटी में वृद्धि हुई है।

सागर विधायक शैलेंद्र जैन ने कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, टोल प्लाजा आदि पर टेस्टिंग की आवश्यकता है। टेस्ट रिजल्ट आने तक बाहर से आए व्यक्तियों को आइसोलेशन में रखा जाए। जिससे संक्रमण ना फैले। इस दौरान बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरएस वर्मा, माइक्रोबायोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. अमरदीप राय, लैब प्रभारी डॉ. सुमित रावत, डॉ तल्हा साद आदि मौजूद थे।