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सागर में प्रशासन ने छुपाई कोरोना से मौतें!:जून के 17 दिन में 70 मौतों के भास्कर के खुलासे के बाद हड़कंप; CMHO की सफाई- रिपोर्ट्स देरी से आई, जांच के बाद रिकॉर्ड पर चढ़ा रहे

सागरएक वर्ष पहलेलेखक: जितेंद्र तिवारी
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सागर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में कोरोना से हुई मौतों को अनलॉक के बाद रिकॉर्ड पर लाने का काम किया जा रहा है। दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद CMHO ने कहा कि मौतों की जांच के बाद उसे रिकॉर्ड पर लिया जा रहा है। इससे यह बात साबित हो रही है कि कोरोना की दूसरी लहर में मई के दौरान मौतों का आंकड़ा छिपाया गया था। अब उसे एडजस्ट किया जा रहा है।

भास्कर ने खुलासा किया था कि अनलॉक के बाद सागर जिले में कोरोना संक्रमण की दर शून्य पहुंच गई है। लेकिन मौतों का आंकड़ा कम नहीं हो रहा है। रोजाना औसतन 4 से ज्यादा मौतें हो रही हैं। इसका खुलासा शासन से जारी हेल्थ बुलेटिन में हुआ है। हेल्थ बुलेटिन में सागर में 1 जून को 280 कोरोना से मौतें बताई गई हैं। लेकिन 17 जून को यह मौतें बढ़कर 350 हो गई हैं, जबकि अनलॉक के बाद सागर में कोरोना से किसी की मौत होने की सूचना नहीं है।

इधर, मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि अस्पतालों में कोरोना से हुई मौतों की डेथ रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर अपलोड होती है। रिपोर्ट की जांच के बाद मौत को रिकॉर्ड में जोड़ा जाता है। इससे स्पष्ट है कि इस समय हेल्थ बुलेटिन में जारी की जा रही मौतें पुरानी हैं, जो प्रशासन ने दूसरी लहर के दौरान रिकॉर्ड में नहीं ली थी।

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पिछले 3 दिनों में संक्रमित मरीज नहीं मिला, मौतें रोज 4 हुईं
कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते अस्पतालों में मरीजों की कोरोना से मौतें हुईं। लेकिन उस समय मौतों को सामने नहीं लाया गया। अब अनलॉक के बाद मौतों को रिकॉर्ड में जोड़ने का खेल चल रहा है, क्योंकि पिछले तीन दिनों से सागर में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या शून्य पर पहुंच गई है। लेकिन हेल्थ बुलेटिन में रोजाना सागर में कोरोना से करीब 4 मौतें बताई जा रही हैं। ऐसे में सवाल यह है कि नए संक्रमित मरीज मिल नहीं रहे हैं तो फिर मौतें किसकी हो रही हैं?

मौतों पर CMHO का तर्क
मौतों को लेकर CMHO डॉ. आईएस ठाकुर से बात की, तो उन्होंने कहा कि कोरोना से मौत के मामलों की अधिकृत रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर अपलोड की जाती है। इन मौतों की रिपोर्ट की जांच करने के बाद उसे रिकॉर्ड में शामिल किया जाता है। कई बार रिपोर्ट देरी से आती है, जो जानकारी हमारे पास आ रही है, उसे हेल्थ बुलेटिन में जारी किया जा रहा है। कई बार ऐसा होता है कि यदि कोरोना मरीज की अस्पताल में 10 दिन पहले मौत हुई है। लेकिन, अस्पताल द्वारा उसकी डेथ संबंधी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को 10 दिन बाद भेजी है, तो ऐसे में वह मौत देरी से जारी हो पाती है।

14 दिनों में कोरोना प्रोटोकॉल से 15 अंतिम संस्कार
अनलॉक के बाद सागर में कोरोना संक्रमण पर अंकुश लगा है, लेकिन रिकॉर्ड के अनुसार मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। श्मशान घाट में भी कोरोना प्रोटोकॉल से मृतकों का अंतिम संस्कार जारी है। नरयावली मुक्तिधाम के कर्मचारियों की मानें तो 1 जून से 14 जून तक नरयावली मुक्तिधाम में 15 शवों का कोरोना प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार किया गया है।

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