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जिला अस्पताल में लापरवाही:नोजल सेट न होने से ओवरफ्लो हो रही थी सप्लाई, प्रतिदिन 15 ऑक्सीजन सिलेंडर हो रहे हैं बर्बाद

सागर6 महीने पहले
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जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष का ऑडिट व तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण करते सीईओ इच्छित गढ़पाले। - Dainik Bhaskar
जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष का ऑडिट व तकनीकी टीम के साथ निरीक्षण करते सीईओ इच्छित गढ़पाले।
  • ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष में नहीं मिला कोई इंचार्ज, कागजों में दो कर्मचारियों के नाम

जिला अस्पताल में अभी तक रोज 15 ऑक्सीजन सिलेंडर बर्बाद हो रहे थे। जो अब नहीं होंगे। ऑडिट टीम के निरीक्षण में ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष में सिलेंडर की नोजल ठीक से सेट नहीं मिली। इससे ऑक्सीजन ओवर फ्लो हो रही थी। गुरुवार को नोडल अधिकारी सीईओ इच्छित गढ़पाले ने ऑडिट व तकनीकी टीम के साथ जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष व लिक्विड ऑक्सीजन की सेंट्रल लाइन का निरीक्षण किया। दो दिन पहले रात में अस्पताल में अचानक ऑक्सीजन खत्म हो गई थी। इसके बाद टीम निरीक्षण के लिए पहुंची। जिसमें स्पष्ट हुआ कि अस्पताल में प्रतिदिन 15 से 20 सिलेंडर की खपत कम होना चाहिए, लेकिन ठीक से सप्लाई व नोजल सेट न होने से ओवर फ्लो ऑक्सीजन हो रही है। इससे रोज 15 से 20 सिलेंडर अधिक लग रहे हैं।

टीम जब निरीक्षण के लिए पहुंची तो ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष में कोई इंचार्ज नहीं मिला। कागजों में ड्यूटी दो महिला कर्मचारियों की थी, लेकिन मौके पर ड्यूटी करते हुए एकाउटेंट मिला। टीम ने जब अव्यवस्था को लेकर सवाल किए तो कोई भी जिम्मेदारी लेने के लिए आगे नहीं आया। ऑक्सीजन कक्ष में ड्यूटी कर रहे एकाउटेंट को अस्पताल में उपलब्ध सिलेंडर की भी जानकारी नहीं थी। सीईओ इच्छित गढ़पाले ने बताया कि दोनों महिला कर्मचारी व ड्यूटी करते मिले एकाउटेंट से जवाब मांगे हैं। सिविल सर्जन से दो दिन में प्रतिवेदन देने के लिए कहा है।

सीईओ ने बताया कि ऑक्सीजन सप्लाई कक्ष के बाहर कैमरे भी नहीं थे। अंदर पंखा व अन्य सुविधाएं भी नहीं मिली। ये सारे इंतजाम व कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। ताकि मॉनीटरिंग होती रहे। सिलेंडर यदि इधर-उधर होते हैं। तो उनका भी पता चल सकें। ऑडिट रिपोर्ट जल्द ही तैयार हो जाएगी। प्रतिवेदन मिलते ही कलेक्टर को रिपोर्ट सौंप देंगे। जिसमें लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी। निरीक्षण के दौरान उप-संचालक डॉ. आईएस ठाकुर, डॉ. अमित जैन और बायोमेडिकल इंजीनियर शैलेष अवस्थी मौजूद रहे।

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