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अधूरे निर्माण बने स्मार्ट सागर की राह में रोड़ा:3 मीटर गहरा नहीं हुआ तालाब, नाला ट्रैपिंग कार्य अधूरा, खुदी सड़कें बनी मुसीबत

सागर2 महीने पहले
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तालाब में मिट्टी को इकट्ठा करतीं मशीनें। - Dainik Bhaskar
तालाब में मिट्टी को इकट्ठा करतीं मशीनें।

मध्यप्रदेश सरकार के पीडब्ल्यूडी मंत्री गोपाल भार्गव के स्मार्ट सिटियों के कार्यों पर सवाल खड़े करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सागर स्मार्ट सिटी के लाखा बंजारा झील (तालाब) प्रोजेक्ट, एलिवेटेड कॉरिडोर में लेटलतीफी को लेकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि वे खुद स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट के कार्यों का जायजा लेंगे। सीएम की नाराजगी के बाद मंगलवार को संभागायुक्त मुकेश शुक्ला ने जिला प्रशासन समेत स्मार्ट सिटी के अफसरों के साथ शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। उन्हें समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।

स्मार्ट सिटी के तहत चल रहे प्रोजेक्टों की स्थिति यह है कि लगभग सभी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हुए हैं। इस कारण शहरवासियों को कई मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। लाखा बंजारा झील (तालाब) प्रोजेक्ट के तहत तालाब की गहराई और सौंदर्यीकरण किया जा है। लेकिन डेढ साल से अधिक का समय बीतने के बाद भी तालाब का गहरीकरण भी नहीं हो सका है। वहीं नालों को ट्रैपिंग करने का कार्य भी अधूरा है।

तालाब के कार्यों का निरीक्षण करते संभागायुक्त।
तालाब के कार्यों का निरीक्षण करते संभागायुक्त।

स्मार्ट सिटी के इंजीनियर की मानें तो तालाब का कार्य पूरा होने में अभी एक साल का और समय लग सकता है। इसके अलावा स्मार्ट रोड कॉरीडोर के तहत शहर के मुख्य मार्गों की सड़कों का निर्माण शुरू किया गया। यह कार्य दिसंबर 2021 में पूरा करना था। लेकिन अब तक सड़कों का काम पूरा नहीं हुआ है। सड़कों पर खुदाई होने से राहगीर परेशान हो रहे हैं। वहीं धूल से लोग के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है।
निर्माण एजेंसी की लापरवाही से काम अधूरा
तालाब में निर्माण कार्य कर रही निर्माण एजेंसी की लेटलतीफी से लगभग सभी निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं। करीब डेढ साल का समय बीतने के बाद भी तालाब से मिट्टी निकालने, नाला ट्रैपिंग, घाटों का सौंदर्यीकरण आदि कार्य अधूरा है। इंजीनियर्स के अनुसार निर्माण एजेंसी के ठेकेदार ने कार्य करने में लापरवाही बरती है। इस कारण से काम पूरे नहीं हो सके हैं। तालाब में करीब 3 मीटर गहरीकरण होना है। जिसका कार्य चल रहा है। वहीं तालाब में मिलने वाले नालों को बंद कर दिया गया है। उनका पानी बाहर निकाला जा रहा है।

तालाब में चल रहा निर्माण कार्य।
तालाब में चल रहा निर्माण कार्य।

तालाब के ये कार्य हैं अधूरे
डि-सिल्टिंग-
तालाब में लगभग 9 लाख क्यूबिक मीटर मिट्टी निकाली जानी है। बारिश के पहले तक लगभग तालाब से 4 लाख 93 हजार क्यूबिक मीटर मिट्टी निकाली गई है। जबकि अभी डि-सिल्टिंग का काम शुरू नहीं हो पाया। तालाब में अभी भी काफी मिट्टी निकाली जाना बाकी है।
मोंगा बंधान- बंधान को तोड़कर नए बंधान (वॉल) का काम किया गया है, जो अभी आधा ही बना हुआ है। कंपनी मोगा बंधान के पिछले हिस्से में पिचिंग का काम शुरू कर रही है। इसके बाद ही बंधान के ऊपरी हिस्से को बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा।
घाट सौंदर्यीकरण व अन्य काम
झील के काम में 20 घाट का रि-डेवलपमेंट भी किया जाना है। इसमें से अभी तक एक भी घाट का काम पूरा नहीं हो पाया है। हाल में ही निर्माण एजेंसी ने गंगाघाट के काम शुरू कर पाई है। इसके साथ ही छोटे तालाब के काम, किनारे स्टोन पिचिंग, सुरक्षा दीवाल और इम्बेकमेंट का काम किया जाना है।

सिविल लाइन से तिली रोड की सड़क खुदी पड़ी।
सिविल लाइन से तिली रोड की सड़क खुदी पड़ी।

खुदी सड़कें और उड़ रही धूल बनी मुसीबत
स्मार्ट रोड कॉरीडोर के तहत सागर में सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। सिविल लाइन से तिली गांव तक सड़क खुदी पड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण का कार्य इसी वर्ष पूरा करना था। लेकिन अब तक आधा काम भी नहीं हुआ है। सीवेज सिस्टम, जमीनी मामला और ड्राइंग आदि के चलते सड़क निर्माण के कार्य में देरी हुई है। ऐसे में खुदी सड़क से आवागमन करने में शहरवासी परेशान हो रहे हैं। अभी सड़कों का कार्य पूरा होने में करीब 8 महीने से एक साल का और समय लग सकता है।

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